मांगों को लेकर धरने पर बैठे लेखपाल, थाना दिवस का किया बहिष्कार
पुर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़ ब्यूरो चीफ विवेक सोनी
जौनपुर शाहगंज अयोध्या की सोहावल तहसील में लेखपाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एसीओ) की ट्रैप कार्रवाई को लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की तहसील इकाई ने नाराजगी जताई है। संघ के अध्यक्ष विकास सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। शनिवार को लेखपालों ने अपनी मांगों को लेकर धरना दिया और थाना दिवस का बहिष्कार किया।संघ ने मांग की है कि भविष्य में किसी लेखपाल के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत मिलने पर सीधे ट्रैप कार्रवाई करने के बजाय पहले शिकायत और शिकायतकर्ता की जांच कराई जाए। संघ का कहना है कि इससे वास्तविक शिकायतों पर कार्रवाई के साथ ही किसी कर्मचारी को गलत तरीके से फंसाने की आशंका भी दूर हो सकेगी।शिकायत की पहले हो जांच लेखपाल संघ के अध्यक्ष विकास सिंह ने कहा कि लेखपाल ग्रामीणों से सीधे जुड़े होते हैं। जमीन की पैमाइश, दाखिल-खारिज और अन्य राजस्व कार्यों को लेकर कई बार लोगों के बीच विवाद होते हैं। ऐसे में किसी शिकायत पर कार्रवाई से पहले शिकायतकर्ता की पृष्ठभूमि, शिकायत के उद्देश्य और लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच जरूरी है।संघ ने कहा कि यदि जांच में शिकायत रंजिश या किसी गलत उद्देश्य से किए जाने की पुष्टि हो तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।सीसीटीवी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य की जांच की मांग संघ ने सोहावल प्रकरण की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की है। घटनास्थल से जुड़े सीसीटीवी फुटेज, वायरल वीडियो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच कराने की मांग की गई है। संघ का कहना है कि इन साक्ष्यों की पड़ताल से घटना की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का विरोध नहीं लेखपाल संघ ने स्पष्ट किया कि वह भ्रष्टाचार या रिश्वतखोरी का समर्थन नहीं करता। यदि कोई कर्मचारी दोषी है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन कार्रवाई निष्पक्ष जांच और निर्धारित प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए। संघ का कहना है कि बिना पर्याप्त पड़ताल के कार्रवाई होने से ईमानदारी से काम करने वाले कर्मचारियों का मनोबल प्रभावित होता है।ट्रैप कार्रवाई के लिए एसओपी बनाने की मांगसंघ ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन और संबंधित विभाग के लिए स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) बनाने की मांग की है। इसमें ट्रैप कार्रवाई से पहले शिकायत की जांच, शिकायतकर्ता की भूमिका का सत्यापन और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल को जरूरी किए जाने की मांग शामिल है।संघ ने चेतावनी दी है कि मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदेश के 75 जिलों और 351 तहसीलों में कलम बंद और कार्य बहिष्कार का आह्वान किया गया है। इसी क्रम में स्थानीय तहसील में लेखपालों ने धरना देकर थाना दिवस का बहिष्कार किया।