संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
*हरहुआ*। जन्म के तुंरत बाद शिशुओं को पहला व गाढ़ा स्तनपान कराना बहुत ही जरूरी होता है यह किसी भी शिशु के पूरे जीवनकाल पर प्रभाव डालता है। शीघ्र व केवल स्तनपान को बढ़ावा देने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी आंगनबाड़ी कार्यकत्री।
उक्त बातें जिला ग्राम्य विकास संस्थान परमानंदपुर में 25 दिसम्बर से चल रहे नवनियुक्त आँगनबाड़ी कार्यकत्रियों के सात दिवसीय आवासीय आधारभूत प्रशिक्षण सत्र के द्वितीय दिवस में प्रशिक्षुओं को सम्बोधित करते हुए जिला प्रशिक्षण अधिकारी विमल कुमार सिंह ने कही। उन्होंने कहा कि शिशुओं को जन्म से लेकर छह माह तक सिर्फ और सिर्फ मां का स्तनपान ही कराना चाहिए।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर पुष्पा सिंह व अमर सिंह द्वारा प्रशिक्षुओं को आईसीडीएस विभाग का परिचय, लाभार्थियों को दी जाने वाली सेवाओं, आंगनबाड़ी की भूमिका, पोषण का महत्व, पोषक तत्वों के प्रकार, जीवन के सुनहरे एक हजार दिन, गर्भावस्था के दौरान मातृ पोषण, अनुपूरक पुष्टाहार आदि के बारे में जानकारी दी गई और विभिन्न गतिविधियों का अभ्यास कराया गया। इसी के साथ द्वितीय दिवस के प्रशिक्षण सत्र का समापन हुआ प्रशिक्षण कार्यक्रम बाल विकास परियोजना क्षेत्र हरहुआ से चयनित 12, बड़ागांव से 04, पिंडरा से 08, आराजी से 08, सेवापुरी से 08 व चिरईगांव से 09 इस प्रकार कुल 49 नवनियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर सत्र प्रभारी संजय कुमार, सुरेश तिवारी, नीरज कुमार, अजीत कुमार, इंदू पटेल, सुषमा कुमारी, नम्रता राय, सरिता वर्मा, रिया पाण्डेय, सीमा यादव, निधि तिवारी, सोनी, सरिता यादव, गरिमा राय, प्रियंका सिंह, स्नेहा, नगीना पटेल, माया, शशि चौधरी, महिमा तिवारी, शहनाज बानो, निशा, पूजा गौतम, सुप्रिया, किरन, स्वेता, पिंकी, बबिता, निर्मला, आंचल पाण्डेय, रीना, रूपा, शुभांजलि मौर्या आदि की उपस्थिति रही।