पुर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़ ब्यूरो चीफ विवेक सोनी
जौनपुर शाहगंज कस्बे के प्रसिद्ध शैक्षिक संस्थान सेंट थॉमस इंटर कॉलेज के शिक्षक अख़लाक़ अहमद बन्दवी की सेवानिवृत्ति पर एक आकर्षक विदाई समारोह आयोजित किया गया। श्री बन्दवी 2003 से 2026 तक सेंट थॉमस इंटर कॉलेज में शिक्षण कार्य से जुड़े रहे। आपने अपनी सेवाओं के माध्यम से संबंधित कॉलेज और क्षेत्र में उर्दू, अंग्रेज़ी भाषा और साहित्य का एक सुखद वातावरण स्थापित किया तथा एक विशिष्ट शिक्षक के रूप में अपनी एक अलग पहचान स्थापित की 31 मार्च को सेवानिवृत्ति के बाद कल कॉलेज परिसर में उनके सम्मान में विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जहाँ कॉलेज के प्रिंसिपल फादर एंथनी सामी ने पारंपरिक शॉल ओढ़ाकर उनका सम्मान किया और शिक्षकों ने पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया। विद्यालय के कार्यवाहक प्रधानाचार्य जय प्रकाश शुक्ल ने अंगवस्त्रम भेंट किया विज्ञान शिक्षक सतीश मसीह ने अपने संबोधन में अख़लाक़ बन्दवी के व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। कॉलेज के प्रवक्ता अजय कुमार सिंह ने उनकी उर्दू शायरी, भाषा एवं साहित्य में उनके योगदान का उल्लेख किया। गणित प्रवक्ता बी. पी. जॉन ने प्रशस्ति पत्र और श्रीमती गरिमा पांडेय ने स्मृति चिन्ह भेंट किया। कॉलेज के अंग्रेज़ी लेक्चरर साइमन पीटर ने उन्हें व्यक्तिगत जीवन के संदर्भ में एक आदर्श व्यक्तित्व और चरित्र का धनी बताया अख़लाक़ बन्दवी का पैतृक आवास बन्दी कलां, ज़िला मऊ है। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद 1993 में आपकी नियुक्ति सर सैयद अहमद इंटर कॉलेज, सबरहद में अंग्रेज़ी लेक्चरर के पद पर हुई थी। बाद में आप अमजद अली इंटर कॉलेज, मोहम्मदपुर, आज़मगढ़ चले गए, जहां आपने तीन वर्षों तक अपनी सेवाएँ दीं। 2003 में आपने जब सेंट थॉमस इंटर कॉलेज जॉइन किया, तब से शाहगंज में स्थायी रूप से निवास कर रहे हैं।साहित्यिक जगत में आपकी एक अलग पहचान है। उर्दू अकादमी लखनऊ से पुरस्कृत आपका काव्य संग्रह “लम्स” और ऐतिहासिक पुस्तक “दस्तावेज़” प्रकाशित हो चुके हैं। उर्दू मुशायरों में आप की व्यापक सहभागिता रहती है। कार्यक्रम के अंत में फादर सामी ने सेवानिवृत्त शिक्षक की सेवाओं का सम्मान करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया और उनके अच्छे स्वास्थ्य एवं दीर्घायु के लिए प्रार्थना की संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के अध्यापक देश दीपक सिंह ने किया।