पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़ संवाददाता आशुतोष मिश्रा*
रामपुर। थाना क्षेत्र के लोग आज भी पूर्व थानाध्यक्ष मनोज पांडेय, श्री प्रकाश शुक्ला और देवानंद रजक के कार्यकाल को याद करते हैं। इन अधिकारियों की सबसे बड़ी पहचान यह रही कि उन्होंने अपने कार्यकाल में दलालों को थाने में घुसने तक नहीं दिया। उनके रहते थाने का माहौल पारदर्शी और न्यायपूर्ण बना रहा।जनता का कहना है कि उनके कार्यकाल में दलालों की दाल नहीं गली। जो लोग थाना परिसर में बैठकर अपना वर्चस्व कायम करना चाहते थे, वे बौखलाए रहे। जबकि आम जनता को पूरी तरह निष्पक्ष न्याय मिला।स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि इन अधिकारियों के रहते किसी निर्दोष व्यक्ति को झूठे मुकदमे में फँसाकर जेल नहीं भेजा गया। पारदर्शिता और सख्ती का आलम यह था कि थाने का दरवाज़ा दलालों के लिए बंद और जनता के लिए हमेशा खुला रहा।जनता ने साफ कहा कि ऐसे ईमानदार और निष्पक्ष थानाध्यक्ष ही असली पुलिस की पहचान हैं। इनके कार्यकाल में दलालों की आवाज़ दब गई, लेकिन आम जनता चैन की सांस ले सकी।अब लोगों की निगाहें नवागत थानाध्यक्ष विनोद कुमार पर टिकी हैं। क्षेत्रवासियों की अपेक्षा है कि वे भी पूर्व अधिकारियों की तरह दलालों पर अंकुश लगाकर पारदर्शिता कायम रखें और जनता को न्याय दिलाएं। देखने वाली बात यह होगी कि विनोद कुमार अपने कार्यकाल में दलालों के प्रति कैसा रुख अपनाते हैं और जनता के लिए कितने न्यायपूर्ण साबित होते हैं।