विवेक राय की खास रिपोर्ट
*वाराणसी -*
जनपद में एग्री टूरिज्म की सम्भावना तलाशने मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल शनिवार को चोलापुर विकास खण्ड के बबियांव ग्राम पंचायत में स्थित जयश्री बाग पहुंचे।इस दौरान उन्होंने जैविक खेती,अमरूद,आम,नीबू व बेल की बागवानी के साथ ही मछली पालन,गाय की गिर व साहीवाल नस्ल की गायों को देखा और प्राकृतिक खेती पर बिस्तारपूर्वक चर्चा की।सीडीओ ने जय श्रीबाग के संचालक शैलेंद्र रघुवंशी से एग्री टूरिज्म (कृषि पर्यटन) की संभावनाओं पर विचार विमर्श किया।साथ में जनपद के उप कृषि निदेशक अखिलेश कुमार सिंह ने सीडीओ को जय श्री बाग का भ्रमण कराया एवं यहां अपनायी जा रही कृषि की नवीनतम तकनीकों पर चर्चा की।
*जनपद में खोले जायेंगे पांच एग्री टूरिज्म सेंटर*
उल्लेखनीय है कि जनपद में पांच एग्री टूरिज्म सेंटर बनाये जाने का प्रस्ताव है जो बबियांव , शूलटंकेश्वर,तारापुर,कैथी व रामेश्वर में बनाये जायेंगे।इसी क्रम में सीडीओ एग्री टूरिज्म की संभावनाओं को तलाशने बबियांव गांव पहुंचे थे।इस दौरान उप कृषि निदेशक अखिलेश कुमार सिंह,सौरभ रघुवंशी, कृषि विभाग से खण्ड तकनीकी प्रबंधक (बीटीएम) देवमणि त्रिपाठी,नमामि गंगे के प्रोजेक्ट हेड स्वामी शरण कुशवाहा,जगदीश प्रसाद,बिजेंद्र सिंह जंगा,फौजदार यादव सहित क्षेत्र के किसान उपस्थित रहे।
*क्या है एग्री टूरिज्म सेंटर-*
एग्री टूरिज्म (कृषि पर्यटन) व्यावसायिक उद्यम का एक रूप है जो कृषि उत्पादन और प्रसंस्करण को पर्यटन के साथ जोड़ता है ताकि आगंतुकों को खेत, खेत या अन्य कृषि व्यवसाय पर आकर्षित किया जा सके।साथ ही खेत या व्यवसाय के लिए आय उत्पन्न करते हुए आगंतुकों का मनोरंजन या शिक्षा की जा सके। एग्री टूरिज्म के तहत कृषि से सम्बंधित गतिविधियों एवं कृषि की प्राचीन विरासत को पर्यटकों के समक्ष मनोरंजक तरीके से प्रस्तुत किया जाता है। इसके तहत पर्यटकों को खेतों के बीच जाकर प्राकृतिक माहौल में फसलों एवं उनके उत्पादों को देखने एवं प्रयोग करने का अवसर प्राप्त होता है।