संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
*हरहुआ*।स्थानीय विकासखंड सभागार मे अग्रिकाश एवं उत्तरप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन वाराणसी के सौजन्य से दो दिवसीय मोती उत्पादन हेतु सर्जिकल प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए एडीओ सहकारिता अवधेश सिंह ने कहा कि मोती उत्पादन का हुनर आपकी आर्थिक और सामाजिक मजबूती का मार्ग प्रशस्त करेगा।मोतियो का साथ हर प्रतिभागी के भविष्य को स्वर्णिम बनायेगा।
कार्यक्रम मे एडीओ आईएसबी संजय श्रीवास्तव ने कहा की मोती के उत्पादन मे चार सूत्रो का पालन करना कभी न भूलें।
चार सूत्र ही सफलता की कुंजी है।
बीएचयू के प्रशिक्षक गण श्वेताँक पाठक,रोहित आनंद पाठक,पंकजपति पाठक,अंकित और तूलिका सिंह ने मोती के उत्पादन,रखरखाव और सावधानी के बारे मे प्रतिभागियो को विस्तार से जानकारी दी।
प्रशिक्षको ने बताया कि मानव द्वारासीपी से उत्पादित मोती तीन प्रकार के होते है।डिजाइनर,अर्धगोलाकार तथा गोलाकार।
प्राकृतिक मोती और मानव निर्मित मोती मे कोई विशेष अंतर नही होता।
एडीओ आईएसबी ने प्रतिभागियो की शंकाओ और जिज्ञासाओ का समुचित उत्तर दिया।
बीएमएम तथा कंप्यूटर प्रोग्रामर रत्नेश ने अतिथियो और प्रतिभागियो का धन्यवाद ज्ञापन किया।