सरकारी दस्तावेज फाड़े, कर्मचारियों को पीटाक्षेत्र में मचा हड़कंप, मुकदमा दर्ज
पुर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़ संवाददाता आशुतोष मिश्रा
जौनपुर रामपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जब स्वयं को शिव सेना का प्रवक्ता बताने वाला गुलाब दुबे बिजली विभाग की टीम पर अचानक टूट पड़ा। आरोप है कि आरोपी ने उपखण्ड अधिकारी (SDO) और कर्मचारियों के साथ मारपीट की, धक्का-मुक्की की तथा महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजों को फाड़कर फेंक दिया। घटना से पूरे विभाग में रोष की लहर दौड़ गई है घटना कैसे हुई सूत्रों के अनुसार दोपहर लगभग 12:15 बजे बिजली विभाग की तकनीकी टीम अपने कार्यालय में नियमित कार्य कर रही थी। इसी दौरान गुलाब दुबे, उसके साथी अतुल दुबे पुत्र त्रिभुवन दुबे निवासी पूरे रघुनाथपुर (वाराणसी) तथा दिवाकर शुक्ला मौके पर पहुंचे। उन्होंने गांव में 11KV और 33KV विद्युत लाइन हटाने की मांग की। उस समय जनसेवा केंद्र संचालक अभिषेक यादव भी मौजूद थे प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बातचीत के दौरान ही गुलाब दुबे अचानक भड़क उठा और बिना किसी कारण SDO तथा कर्मचारियों पर चढ़ दौड़ा। आरोप है कि उसने SDO को मारा, कर्मचारियों को धक्का देकर गिराया और रजिस्टर, शिकायत पत्र व अन्य महत्वपूर्ण सरकारी रिकॉर्ड फाड़कर जमीन पर बिखेर दिए। इस अचानक हमले से कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई और कर्मचारी दहशत में बाहर भागने लगे शिकायत और कार्रवाई
हमले के बाद SDO ने तत्काल मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी और रामपुर थाने में लिखित तहरीर देकर FIR दर्ज करने की मांग की। कर्मचारियों ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएँ फील्ड में कार्य करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न खड़ा करती हैं, अतः आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई जरूरी है।थाना प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि तहरीर प्राप्त कर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच तेजी से शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्य में बाधा डालना और कर्मचारियों पर हमला गंभीर अपराध है, दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।क्षेत्र में चर्चा का विषय घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप और चर्चा का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों पर हमला लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला है और ऐसे तत्वों पर सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी सरकारी कार्य में बाधा डालने का दुस्साहस न कर सके।यह मामला अब पूरी तरह पुलिस और प्रशासन की निगरानी में है, और विभागीय कर्मचारी आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।