संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज
विनोद नाथ यति
वाराणसी।स्मार्ट सिटी वाराणसी में आपका स्वागत है।यहां विकास इतना ‘स्मार्ट’ है कि सीवर लाइन जमीन के नीचे है और पानी सड़क के ऊपर!पांडेयपुर स्थित राहुल नगर कॉलोनी की गली में बारिश बंद हुए करीब आधा घंटा बीत चुका है,लेकिन जलभराव महोदय अपनी जगह से हिलने को तैयार नहीं हैं।लगता है पानी ने भी तय कर लिया है कि नगर निगम की मेहमाननवाजी का आनंद लेकर ही जाएगा।बरसात से पहले नगर निगम ने नालियों और सीवर की सफाई के खूब दावे किए थे।सफाई की तस्वीरें भी शायद खूब खींची और भेजी गईं होंगी,लेकिन तस्वीरों में साफ दिखने वाली सफाई का असर जमीन पर नजर क्यों नहीं आ रहा,यह सवाल अब राहुल नगर की गली पूछ रही है।आखिर सीवर लाइन किस काम की है?पानी निकालने के लिए या फिर सिर्फ सरकारी कागजों में ‘लाइन मौजूद’ लिखने के लिए?बारिश महज कुछ देर हुई और गली में ऐसा नजारा बन गया,जैसे नगर निगम ने सड़क को बरसात के मौसम में ‘फ्री स्विमिंग पूल’ में बदलने की योजना चला रखी हो।स्थानीय लोगों की परेशानी अपनी जगह है,लेकिन व्यवस्था का मजाक देखिए—बारिश रुक गई,बादल चले गए,पानी नहीं गया!शायद पानी को भी नगर निगम की फाइलों से निकासी की अनुमति मिलने का इंतजार है।सवाल सीधा है—अगर बरसात से पहले सफाई वास्तव में हुई थी तो फिर आधा घंटे बाद भी गली में पानी क्यों जमा है?क्या सफाई सिर्फ फोटो खिंचवाने तक हुई और बाकी काम कैमरे के बाहर रह गया?जनता टैक्स दे,नगर निगम दावे करे और बारिश आते ही जनता अपनी गली में नाव तलाशे—क्या यही स्मार्ट सिटी का मॉडल है?फिलहाल राहुल नगर की गली में पानी खड़ा है और नगर निगम की सफाई व्यवस्था पर सवाल भी।फर्क सिर्फ इतना है कि पानी सड़क पर दिखाई दे रहा है,जबकि सफाई के दावे शायद फाइलों में तैर रहे हैं!डीप