संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
वाराणसी। रामानंद संप्रदाय के संत एवं लगभग 35 वर्षों तक अयोध्या धाम में रहकर निरंतर रामनाम का जाप करने वाले पूज्य करतलिया बाबा (नगवा) का गुरुवार को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया। करतलिया बाबा का जीवन आध्यात्मिक साधना,सेवा और सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार को समर्पित रहा। उन्होंने नेपाल सहित विभिन्न क्षेत्रों में अनेक धार्मिक स्थलों की स्थापना में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। बताया गया कि जीवन के अंतिम समय तक वे अयोध्या धाम में रहकर प्रभु श्रीराम की भक्ति में लीन रहे। उनके निधन के उपरांत उनका पार्थिव शरीर वाराणसी के नगवा स्थित करतलिया बाबा आश्रम लाया गया,जहां संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं ने अंतिम दर्शन कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की आश्रम परिसर में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में संत समाज,सामाजिक कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। वक्ताओं ने करतलिया बाबा के आध्यात्मिक जीवन,त्याग,तपस्या और समाज के प्रति उनके योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें सनातन परंपरा का प्रेरणास्रोत बताया।करतलिया बाबा का अंतिम संस्कार 6 अगस्त 2026 को करतलिया बाबा आश्रम,नगवा में वैदिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ,जिसमें बड़ी संख्या में संत,महंत एवं श्रद्धालु शामिल हुए।