संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
*रामेश्वर*। आधुनिकता ,भौतिकता के दौर में हमारी लोक गायन परम्पराएं विलुप्त हो रही हैं इसको संरक्षित करके ही समाज की समरसता को बचाकर भारतीय प्राचीन संस्कृति की रक्षा की जा सकती है।
विवेकानंद काशी जन कल्याण समिति और आशा ट्रस्ट द्वारा रविवार को खेवली में कजली महोत्सव अवसर पर बतौर अतिथि जिला पंचायत सदस्य सुनील सिंह ने दीप प्रज्वलन कर अपने सम्बोधन में व्यक्त की।
कजली महोत्सव में महिला गायकों ने श्रोताओं को काले बादल के बीच अंतिम समय तक बांधे रखा। कार्यक्रम में क्षेत्र के 15 टीमो ने भाग लिया।कजली की पहली टीम दुर्गावती देवी काशीपुर ने- ' अरे रामा सावन में बरसे बदरिया घटा घनघोर हे सखी तथा पिया गये परदेश लिखे ना पति हे सखी गीत एवं नृत्य की प्रस्तुति की। प्रेमा देवी नेनन्हीं-नन्हीं बुँदियाँ रे, सावन का मेरा झूलना रे
एक सुख देखा मैंने अम्मा के राज में... का गायन किया जिनकी आवाज श्रोताओं को कजरी में मंत्र मुग्ध कर लिया। कजली महोत्सव में मुख्य रूप से नशा मुक्ति,दहेज प्रथा खत्म करने,महिलाओं पर होने वाले हिंसा को रोकने ,बेरोजगारी, खेती -किसानी, पर्यावरण प्रदूषण से मुक्ति, अंध विश्वास ,नव भारत निर्माण वाले गीतों के माध्यम से अपनी आवाज बुलंद की।
प्रथम पुरस्कार दुर्गावती देवी ,द्वितीय स्थान प्रेमा देवी,तृतीय स्थान पुष्पा देवी काशीपुर को गृहस्थी से जुड़ी सामग्री और हर कजरी गीत में शामिल महिलाओं को सांत्वना सम्मान पुरस्कार प्रदान किया गया।राज्य प्रशिक्षक के0 एल0 पथिक ने कहा कि 'यंत्र नार्यस्तु पूज्यंते रमन्ते तत्र देवता' भारत की परंपरा रही है।समाज की रीढ़ महिलाएं रही हैं जो अपने स्तर से पर्व के रूप में मनाकर समाज को दिशा देती रही हैं ये पूज्यनीय व बंदनीय हैं जो सुरीली गीतों का खजाना खोलकर लुटाने में सफल रहीं।इनको सम्मान व आदर पुरुष समाज देकर प्रोत्साहित करें।पर्यावरण प्रहरी रंजीत तिवारी ने कहा कि आज भी हमारी परम्परागत गीतों में सरसता के साथ जोड़ने की ऊर्जा है।इसे आधुनिकता के बीच संरक्षण की जरूरत है।कार्यक्रम संयोजक पर्यावरण प्रेमी मनीष पटेल ने सभी लोगो को निःशुल्क पौध प्रदान कर स्वागत व सम्मान किया।इस मौके पर समाजसेवी लौटन पटेल,राजबली, पर्यावरण प्रेमी मनीष पटेल, लौटन , फेंकू राम, पुष्पा देवी,विनोद कुमार,अमन कुमार,राजू कुमार,सुदामा ,रंजीत तिवारी, सुनील कुमार, देवेंद्र पटेल उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन नंदलाल मास्टर ने किय