संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
वाराणसी: जन्मभूमि का महत्व और विविधता में एकता का संदेश देने वाले भारत देश में जनजागरण का प्रसार करने के लिए श्रीमती पीएन दोशी महिला महाविद्यालय की 21 बहादुर युवतियां गत 21 जनवरी 2024 से गुवाहाटी (असम) से गेटवे ऑफ इंडिया (मुम्बई) तक 2751 किमी की यात्रा साइकिल से यात्रा आरंभ की जा चुकी हैं । युवतियों की यह साइकिल यात्रा 26 दिनों तक चल कर 15 फरवरी 2024 को समाप्त होगी। इसकी शुरुआत असम सरकार के खेलकूद व सांस्कृतिक मंत्रालय ने एक बड़े आयोजन से की। इस अवसर पर असम के विधानसभा के स्पीकर श्री विश्वजीत दामेरी ने इस साइकिल रैली का उद्घाटन किया। इस अवसर पर असम का लोकनृत्य का प्रस्तुतिकरण किया गया। यह यात्रा 21 जनवरी से आरंभ हो चुकी है और असम, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों से होते मुम्बई के गेटवे ऑफ इंडिया पर समाप्त होगा। महाराष्ट्र के
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक कृष्ण प्रकाश ने अपने विशेष शुभकामना वक्तव्य में उन्होंने विद्यार्थियों को अपना हौसला बुलंद रखने की बात कही। साथ ही यह भी कहा महिला शक्ति भारतवर्ष में सदैव से पूज्जनीय ही रही है और सफलता के इतिहास में नया अध्याय जोड़ना महिलाओं ने सहज ही आरंभ कर दिया है। मुझे यकीन है कि यह साइक्लोथॉन 2024 भी इस दिशा में अग्रसरित है।
महाविद्यालय प्रबंधन समिति की मुखिया श्रीमती मीना खेतानी ने बच्चों के हौसले को पंख लगाते हुए उन्हें मुम्बई से गुवाहाटी तक हवाई जहाज की यात्रा का सौगात दिया।
बता दें कि. एस. पी. आर. जे कन्याशाला ट्रस्ट, मुम्बई महिलाओं को शिक्षा देने का कार्य कर रही है। आज यह ट्रस्ट अपने शताब्दी वर्ष महोत्सव को मना रहा है। श्रीमती पीएन दोशी महिला महाविद्यालय के महत्वाकांक्षी छात्रों, शिक्षकों प्राचार्या व निर्देशक इस शताब्दी महोत्सव में चौथे साइक्लोथॉन का आयोजन किया है। हर वर्ष कॉलेज की ओर से लड़कियों के भीतर जनजागरूकता पैदा करने के लिए विभिन्न सामाजिक गतिविधियां संचालित की जाती हैं। कॉलेज की इस अनूठी पहल को अभिभावकों और समाज के हर वर्ग से इन लड़कियों की बहादुरी की सराहना मिल रही है। सीनियर और जूनियर वर्ग की इन चयनित लड़कियों के कोच पिछले दो महीने से हर दो घंटे में गहन अभ्यास कर रहे हैं। रोजाना खाने-पीने और डाइटिंग का ध्यान रखकर उनकी फिटनेस को देखकर उन्हें इस धारा में लाया गया है। इस अभियान के लिए लड़कियों की मनोवैज्ञानिक और शारीरिक जांच और काउंसलिंग की गई है। कॉलेज की निदेशक डॉ. एस. कुमुधावल्ली, प्रिंसिपल डॉ. आशा मेनन, संजय पाटिल, टीम 1 कर्मचारी डॉ. नीलेश म्हात्रे, डॉ. विनोद झाल्टे, मित्तल उपाध्याय के साथ साथ शिक्षकेतर कमर्चारी जयवंत चव्हाण, विजय गुरव, गुलाब सिंह राजपूत आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। टीम 2 के सदस्य डॉ. सचिन भुम्बे, डॉ. शिवाजी मेथे और डॉ. आरती वर्मा बिहार के आगे इस रैली का निर्देशन करेंगे। इसके पहले भी 2006 में मुंबई से रत्नागिरी और रत्नागिरी से मुंबई इसी तरह 2016 में मुंबई से पुणे और पुणे से मुंबई की यात्रा सफलतापूर्वक की जा चुकी है। कश्मीर से कन्याकुमारी तक की सबसे महत्वपूर्ण और अविस्मरणीय साइकिल सफारी 2019 में 21 छात्रों द्वारा सफलतापूर्वक पूरी की गई। कॉलेज प्राचार्य डॉ. आशा मेनन ने कहा कि हम हमेशा लोगों को मातृभूमि के महत्व को समझाने और जन जागरूकता पैदा करने का प्रयास करते हैं। लड़कियों में भी लड़कों की तरह आसमान की छलांग लगाने का साहस होता है और यही बात हमारे कॉलेज की लड़कियों ने पहले भी दिखाई है और अब वे विविधता में एकता बनाए रखने वाले अखंड भारत का संदेश देने के लिए यह संयोजन किया गया हैं। इस संपूर्ण तथ्य की जानकारी महाविद्यालय डॉ. वेदप्रकाश दुबे ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दिया।