संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
अतुल राय
वाराणसी। समुदाय की सहभागिता से प्रत्येक स्तर पर समुदाय आधारित आपदा तैयारी योजना विकसित करना होगा और आपदा से बचाव हेतु सामुदायिक स्तर पर जागरूकता जरूरी है।
उक्त बातें जिला ग्राम्य विकास संस्थान परमानन्दपुर में सचिव एवं राहत आयुक्त उत्तर प्रदेश शासन द्वारा प्रायोजित "अग्नि आपदा प्रबंधन" विषयक तीन दिवसीय प्रशिक्षण सत्र के समापन अवसर पर विमल कुमार सिंह, जिला प्रशिक्षण अधिकारी ने अपने सम्बोधन में कही।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के तीन दिवसों में प्रतिभागियों को आपदा के प्रकार,आपदा एक्ट, राज्य व राष्ट्रीय आपदा मोचक निधि,अग्नि आपदा के दौरान भीड़ प्रबंधन,अग्नि आपदा के दौरान अग्निशमन विभाग,एनडीआरएफ,एसडीआरएफ,स्वास्थ्य विभाग की भूमिका अग्नि आपदा के दौरान क्या करें क्या न करें आदि के बारे विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही साथ विद्यालय अग्नि प्रबंधन,कार्यालय अग्नि प्रबंधन,सार्वजनिक स्थल अग्नि प्रबंधन व गृह अग्नि प्रबंधन योजना के बारे में प्रशिक्षकों द्वारा जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को इंद्रदेव कुमार व एनडीआरएफ टीम तथा इंस्पेक्टर बब्बन यादव अग्निशमन विभाग द्वारा आपदा के दौरान रखी जानी वाली सावधानियों के बारे में व्यवहारिक जानकारी अभ्यास के माध्यम से दी गई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनपद वाराणसी के ग्राम विकास विभाग से 22,स्वास्थ्य विभाग से 03,कृषि विभाग से 05 कुल 30 और जनपद चन्दौली के ग्राम विकास विभाग से 04,स्वास्थ्य विभाग से 16,कृषि विभाग से 05,राज्स्व विभाग से 05 कुल 30 इस प्रकार दोनों जनपदों से कुल 60 प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।
समापन अवसर पर ज्येष्ठ अनुदेशक संजय कुमार ने कहा कि आपदा काल मे समन्वयन इसका बड़ा हिस्सा है।सभी प्रतिभागियों एवं अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर रिटायर्ड सीडीओ हीरालाल,शिवप्रकाश,डॉ0 शेर मुहम्मद,कन्हैया लाल पथिक,अरुण पाठक,अमर सिंह, सुरेश पाण्डेय, डॉ शिशिर कुमार,डॉ प्रेम प्रकाश उपाध्याय,प्रीती यादव,अंकिता वर्मा,ज्योति,शंकर शरण दुबे,पूजा देवी,विनीत कुमार,सुधीर कुमार राय,प्रतिभा सिंह,डॉ राजेश कुमार सिंह,अनिल कुमार,राजकुमार,प्रेमा,सविता,प्रेमशिला,राजेंद्र प्रसाद,आशीष कुमार,गायत्री,पन्नालाल,रामजी श्रीवास्तव,गोविन्द सिंह आदि की उपस्थिति रही।