संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
*हरहुआ* सीएलएफ की सफलता का मूल आधार है उसकी व्यवसायिक गतिविधियां। जो सीएलएफ अपने से जुड़े समूह सदस्यों को जितना अधिक से अधिक व्यवसायिक गतिविधियों से जोडेगा वह संकुल उतना ही अधिक आर्थिक रूप में सशक्त होगा।
उक्त बातें जिला ग्राम्य विकास संस्थान परमानंदपुर में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत चल रहे "व्यसाय विकास योजना (BDP) विषयक तीन दिवसीय प्रशिक्षण सत्र के समापन अवसर पर जिला प्रशिक्षण अधिकारी विमल कुमार सिंह ने अपने सम्बोधन में कही।
इस अवसर पर सत्र प्रभारी संजय कुमार ने संकुल समिति के सदस्यों एवं पदाधिकारियों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि किसी भी कार्य में सफलता प्राप्त करने के लिए उसकी कार्ययोजना पर सबसे अधिक ध्यान देना होता है, आप सभी दीदियां प्रशिक्षण में दी गयी जानकारी को अच्छी तरह से सीखें और इसे अपने संकुल में जाकर लागू करें और अधिक से अधिक समूह सदस्यों को व्यवसायिक गतिविधियों से जोड़ने का काम करें।
प्रशिक्षण के दौरान तीन दिवसों में डीआरपी राजेश कुमार द्विवेदी व घनश्याम प्रजापति द्वारा व्यवसाय विकास योजना की प्रक्रिया, ढाँचा व तैयारी के चरण पर विस्तार से जानकारी दी गयी और प्रशिक्षुओं से विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से अभ्यास कराया गया।
इस अवसर पर सुरेश तिवारी, अजीत कुमार, नीरज, कविता त्रिपाठी, सरोज देवी, रेखा, रीमा, आशा, सीता, मंजुलता, सोनी, चंद्रकला, सरिता, गीता, सुशीला, संजू, मनिता, पिंकी, बिन्दु, चन्दा, अनामिका, अर्चना, उर्मिला, लीलावती, नीता, सेम्पुल, हेमलता आदि सहित विकास खंड काशीविद्यापीठ के शिक्षा सीएलएफ से 31 प्रतिभागियों की उपस्थिति रही। समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट व ग्रुप फोटो वितरित कर प्रशिक्षण सत्र का समापन किया गया