संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
चोलापुर* क्षेत्र- के वाराणसी आजमगढ़ हाईवे मार्ग पर महावीर मन्दिर के पास सोमवार को कथा के सातवे दिन कथा वाचक राजन महाराज ने प्रभु शिव देवाधिदेव के पुनीत नगरी में अपने भक्तों बताया कि हम लोगो को।उसलोक को जाने के लिये कर्म करना चाहिये।प्रभु राम जी उत्तर कांड में कहते है जीव प्राणी को पर लोक को सुधारना चाहिये अगर इस लोक में सुख चाहते है।सभी योनियो में सबसे श्रेष्ठ मनुष्य योनि होती है।मनुष्य की सीढ़ी तीन जगह जाती है।अच्छा कर्म स्वर्ग लोक,बुरा कर्म नरक लोक और तीसरी सीढ़ी भक्ति के भाग की सीढ़ी भक्ति लोक को जाती है प्रभु के पास पहुचने का अनेक मार्ग है।जैसे भजन,जप,कथा श्रवण आदि सभी मार्ग प्रभु के पास पहुचने का सीढ़ी है।दुख उन्ही को होता है जो प्रभु से विमुख होते है।जैसे सूर्य के पीछे खड़ा होने पर आप की परछाई आगे आ जाती है।उसी तरह से बुरे कर्म करनेपर उसका भुक्तभोगी पीछे भोगना ही पड़ता है।आगे अयोध्या में युवराज बनने को गुरु जी से प्रभु राम के पास भेजा।गुरु जी ने प्रभु राम जी से कहा कि कल महाराज युवराज बनने को अपने कक्ष में बुलाया।आप निराहार का पालन करते हुये कल महाराज के पास चलना है।गुरु जीने मन ही मन सोचा कि ब्रह्मा जी आज की रात सकुशल बीत जाय।क्योकि गुरु जी जानते थे कि राम को युवराज न बन वनवास को जाना है।इधर देवता गण माता सरस्वती की बन्दना करने पहुचे।और वंदना किया मन्थरा की बुध्दि बदल दे मा।प्रभु राम युवराज न बने।वन को जाय जिससे समाज का कार्य हो सके।रामजी माता कैकेयी द्वारा दिये गये वरदान का पालन करने के लिये 14 वर्ष के वनवास को।पूर्ण करने के लिये प्रभु राम माता सीता,लक्ष्मण वन को चल दिये।वनवास सुन पूरी अयोध्या की जनता राम जी के पीछे चल दीया।जनता को कष्ट न देने को अपनी माया को फैला कर रात्रि विश्राम में पड़ी जनता को सुला कर भोर में तीनों लोग वन को चल दिये।वन में निसाद राज से मिलन,केवट के द्वारा उस पार नाव में बैठ पार किया।कथा में विशिष्ट जनों में आमंत्रित सदस्य कैविनेट मंत्री अनिल राज भर,श्रवण मिश्र,अर्चना मिश्र,प्रेम यादव,प्रियंका यादव,प्रधान पुजारी काशी विश्वनाथ मंदिर ओमप्रकाश मिश्र,अशोक कुमार,दिलीप सोनकर राज्यमंत्री,उपेंद्र बाबा,तारकेश्वर मिश्र,शशिधर सिंह भाजपा वरिष्ठ नेता अरुण पाठक ब्रह्मा देव मिश्रा और कोई इलाका गुरु राम प्रकाश दुबे पूर्व जिला अध्यक्ष भाजपा अनिल मिश्रा,प्रिंस चौबे,आदि लोगो के साथ साथ हजारो भक्त लोग उपस्थित रहे।