संबंध डाटा पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
वाराणसी। जीवन में सम्पूर्ण आध्यात्मिक उन्नति और शांति का मार्ग साधना में निहित है।मन की चंचलता एवं नियंत्रण नहीं होने के कारण समाज मे पारिवारिक कलह,नशा बृद्धि ,आत्महत्या, अनिद्रा व मानसिक अशांति जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं।
उक्त बातें आज रविवार को हरहुआ ब्लाक सभागार में स्वर्वेद महामंदिर धाम विहंगम उमरहा द्वारा आयोजित 'आओ मन का आसन सीखें' विहंगम योग मानसिक स्वास्थ्य शिविर के आयोजन में प्रमुख वक्ताडॉ0 सुशील मिश्रा ने अपने सम्बोधन में व्यक्त किया।
शिविर का शुभारम्भ सद्गुरु के शक्ति आह्वाहन और मंगलगान से हुआ। विहंगम योग परिवार की ओर से बीडीओ हरहुआ बद्री प्रसाद वर्मा, जेडीसी की धर्मपत्नी श्रीमती रेणु सिंह व सहायक विकास अधिकारी रविप्रकाश सिंह का स्वर्वेद महाग्रन्थ व अंगवस्त्र भेंट किया गया। बीडीओ ने अपने सम्बोधन में कहा कि जीवन में शान्ति के तलाश में लोग भटक रहे हैं ,तनाव से कलह से मुक्ति का मार्ग सिर्फ योग की साधना में ही है।
विहंगम योग मानसिक स्वास्थ्य शिविर में लगभग 400 लोगों को विहंगम योग की साधना का अभ्यास कराकर जानकारी व मन के शांति के प्रति जागरूक किया गया।
साधकों ने कहा कि योग आसन में पहली बार सीखकर शांति का एहसास हुआ प्रतिदिन सुबह-शाम करके मन की चंचलता व शांति को जीवन में अपनाने का कार्य करेंगे।
विहंगम एवं संस्थान स्वर्वेद महामंदिर धाम से पधारे साधकों डॉ0खुशबू, प्रचारिका शांति कुमारी व चेतना सिंह ,शिवम मिश्रा ने कहा कि मानसिक साधना पद्धति गांव-गांव , झोपड़ी से महल तक गांव से शहर तक, घर-घर में जन-जन में मन-मन में पहुंचाने के लिए संकल्पित है। इस कार्यक्रम में स्वर्वेद महामंदिर धाम अपना परम् कर्तव्य व दायित्व के साथ निरन्तर करता रहेगा।
हरहुआ ब्लाक परिवार की ओर से सभी अतिथियों ,सम्मानित प्रधानों, सचिवों व क्षेत्र के सम्मानित जनों के प्रति बीडीओ ने आभार व्यक्त किया।