संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
वाराणसी। वरिष्ठ अधिवक्ता तथा बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के पूर्व चेयरमैन "हरिशंकर सिंह" वाराणसी न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि अधिवक्ता हमेशा न्याय की लडाई लड़ता है वो हमेशा न्याय के लिए अपना जान जोखिम में डाल कर जीवन पर्यंत संघर्ष करता रहता है।क्योंकि अधिवक्ता समाज एक पढ़ा लिखा बुद्ध जीवी वर्ग होता है जो अधिवक्ता के अधिकारों और उनकी सुरक्षा के लिए हमेशा शासन व प्रशासन से लडाई लड़ता रहता है। बावजूद इसके यदिअधिवक्ता के साथ अन्याय लिए या उसके धैर्य की परीक्षा ली जा रही हो तो वह अपने अधिकारों के लिए,अपनी गरिमा व सम्मान के लिए उसका प्रतिवाद करना स्वभाविक और न्याय संगत है।अधिवक्ता हरिशंकर सिंह ने संकेत देते हुए कहा कि "अरे भाई सांप को छेड़ोगे तो वह डसेगा ही" उन्होंने अधिवक्ता समाज की सुरक्षा पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जब कोई भू माफिया, गुंडा या दबंग किसी अधिवक्ता की जमीन जायदाद या मकान पर नाजायज तरीके से कब्जा करने या हड़पने की कोशिश करता है तो अधिवक्ता शांत नहीं बैठेगा "जिस तरह सांप को कोई बिना वजह छेड़ेगा तो वह अपने आत्मरक्षार्थ वह जरूर काटेगा" ठीक उसी प्रकार कोई गुंडा या माफिया किसी अधिवक्ता किसी अधिवक्ता के खिलाफ नाजायज कोई कार्य करता है तो वह अपने और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए ईंट का जवाब पत्थर से जरूर देगा। श्री सिंह ने वर्तमान परिस्थितियों का हवाला देते हुए अपने व्यक्तिगत सिद्धांतों को रेखांकित करते हुए कहा कि आज के दौर में अधिवक्ताओं को एकजुट होना बहुत जरूरी है जिससे उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अन्याय व अत्याचार के विरुद्ध उठाई गई आवाज या आत्मरक्षा के लिए की गई पहल अपराध की श्रेणी में नहीं आती।