संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
*किसान बोला जहर देकर जमीन ले लीजिए*।
*हरहुआ*। स्थानीय विकासखंड के रामसिंहपुर गांव में रविवार को 'वर्ल्ड सिटी एक्सपो टाउनशिप' योजना के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण को लेकर बुलाई गई जनसुनवाई हंगामे की भेंट चढ़ गई। 11 प्रभावित गांवों के किसानों ने एक सुर में प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। बैठक के दौरान उस समय माहौल अत्यंत भावुक और तनावपूर्ण हो गया जब एक किसान ने आत्मघाती कदम उठाने तक की चेतावनी दे डाली।बैठक के केंद्र में हरहुआ निवासी किसान सुनील पांडेय का बयान रहा। प्रशासन की दलीलों से आहत होकर उन्होंने अधिकारियों से कहा, "अगर सरकार हमारी उपजाऊ जमीन जबरदस्ती लेना चाहती है, तो मैं लिख कर देने को तैयार हूं कि जमीन ले लीजिए, लेकिन उसके बदले मुझे और मेरे परिवार को जहर दे दीजिए। न हम रहेंगे और न ही जमीन का कोई झंझट रहेगा।" किसान के इस बयान के बाद सभा में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने उन्हें शांत करने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों ने तालियां बजाकर उनका समर्थन किया।बैठक में एसडीएम पिंडरा प्रतिभा मिश्रा, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी और आवास विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि शंभु यादव, सिंहापुर प्रधान अमित सिंह ‘नीलू’ और वाजिदपुर के पूर्व प्रधान महेंद्र यादव ने किसानों की सामूहिक बात को रखते हुए मुआवजे और भविष्य की सुरक्षा पर सवाल उठाए। एसडीएम प्रतिभा मिश्रा ने स्पष्ट किया कि जिन किसानों को आपत्ति है, वे लिखित रूप में अपना पक्ष एसएलओ कार्यालय में दें, जिस पर विचार होगा। हालांकि, उनके इस बात से भी अधिकतर किसान असहमत दिखे। ऐसे में एसडीएम को बैठक छोड़कर जाना पड़ा।
बैठक में अधिग्रहण की जद में आने वाले गांवों से ग्राम प्रधान अमित कुमार सिंह, लालमन यादव, पूर्व प्रधान महेंद्र यादव, अनिल सिंह, राकेश सिंह, संजय पटेल, दिनेश पटेल, पुष्कर सिंह, इन्द्रकेश कुमार सिंह, बलवंत सिंह, धर्मेंद्र सिंह, अरुण कुमार सिंह, शिवकुमार पटेल, बिहारी पटेल, ओम प्रकाश सिंह, मंशा सिंह, नरसिंह दुबे, सुनील पांडेय, सोनू मिश्रा, राजेंद्र प्रसाद सिंह, एडवोकेट देवेंद्र सिंह, नरेंद्र पटेल, सुक्खू पटेल, अनिल पटेल और राजन सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
किसानों ने साफ कर दिया है कि वे अपनी आजीविका के स्रोत को किसी भी कीमत पर सरकार को नहीं देना चाहते हैं।