संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
वाराणसी। शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए परिवहन विभाग ने नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत अब देहात से आने वाले ऑटो को शहर की सीमा से आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा। इस योजना की रूपरेखा तैयार कर ली गई है, और जल्द ही ऑटो यूनियनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर स्टैंड निर्धारित किए जाएंगे।
वर्तमान में वाराणसी जनपद में 26,000 यात्री ऑटो और 18,793 मालवाहक ऑटो हैं, जबकि शहर में परमिट केवल 5,500 ऑटो को ही मिला है। इसके बावजूद, बड़ी संख्या में देहात के ऑटो बिना सिटी परमिट के शहर में चल रहे हैं, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। अब ऐसे ऑटो को शहरी सीमा में प्रवेश करने से रोका जाएगा और उन्हें ग्रामीण रूटों तक सीमित किया जाएगा।
परिवहन विभाग ने योजना के तहत विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले ऑटो के लिए बॉर्डर क्षेत्र तय किए हैं। जैसे कि फूलपुर, पिंडरा, और बाबतपुर से आने वाले ऑटो को शिवपुर, चौबेपुर से आने वाले ऑटो को आशापुर, चोलापुर से आने वाले ऑटो को बड़ालालपुर रिंग रोड, और राजातालाब से आने वाले ऑटो को मोढ़ैला से आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा। केवल विशेष परिस्थितियों में ही इन्हें शहर में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
इस नई व्यवस्था के तहत शहरी सीमा पर ऑटो स्टैंड बनाए जाने की तैयारी हो रही है, ताकि शहर के भीतर यातायात सुचारू रहे और अव्यवस्था न हो। मंडल स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।900 आटो का परमिट होगा ट्रांसफरइसके अलावा, 900 परमिट अभी भी ट्रांसफर के इंतजार में हैं, जो कि ऑटो चालक की मृत्यु के बाद उनके उत्तराधिकारियों को दिया जाना है। अधिकारियों के अनुसार, आवेदन प्राप्त होने के बाद 90 दिनों के भीतर परमिट ट्रांसफर कर दिए जाएंगे।