संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
वाराणसी :- आज के बच्चे कल का भविष्य हैं इनके व्यक्तित्व और सपनों को सही दिशा में सार्थक उड़ान देने की आवश्यकता है इन्हें पंख दें अप्रतिम सार्थक पहल है यह सपने और संकल्प अनुरूप साकार हो सके इसके लिए सबके साथ और सहयोग की जरूरत है उक्त बातें नवभारत निर्माण समिति के अभियान इन्हें पंख दें के शुभारंभ पर वक्ताओं ने कही |सामाजिक- सांस्कृतिक- शैक्षणिक संस्था नवभारत निर्माण समिति, वाराणसी की ओर से 15 अप्रैल सोमवार को हाशिमपुर, पांडेयपुर स्थित शिवम इंग्लिश स्कूल में एक अभिनव शैक्षिक - सामाजिक पहल इन्हें "पंख दें" अभियान की शुरुआत हुई | पूर्वांचल के 16 जिलों के 14 - 22 आयु वर्ग के लगभग 10 लाख बच्चों, किशोरों, युवाओं पर केंद्रित अभियान का अनेक प्रबुद्ध हस्तियों और विद्यार्थियों तथा शिक्षकों की मजबूत उपस्थिति में विधिवत शुभारम्भ हुआ |
मुख्य अतिथि नगर निगम वाराणसी के प्रवर्तन प्रभारी कर्नल संदीप शर्मा ,मुख्य वक्ता प्रोफेसर पी के मिश्र (निदेशक, आईआईटी, बीएचय एवं पूर्व कुलपति, अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय) विशिष्ट अतिथि राजकीय पुस्तकालय वाराणसी के पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ कंचन सिंह परिहार एवं प्रसिद्ध साहित्यकार एवं लेखक डाॅ रामसुधार सिंह ने नव भारत निर्माण समिति की इस जरूरी पहल को युगांतरकारी बताया | प्रो.पीके मिश्र ने प्रख्यात वैज्ञानिक पद्मविभूषण आर ए माशेलकर का हवाला देते हुए कहा कि विद्यार्थी केंद्रित शिक्षा के साथ कौशल, ज्ञान का भारतीयकरण और नवाचार की जरूरत है | महिलाओं को प्रश्रय और अवसर देना होगा व्यवहार स्तर पर बराबर का अधिकार और सर्वांगीण विकास हेतु माहौल देना होगा ,हर हाथ को काम देने की परिस्थिति उत्पन्न करनी है | वरिष्ठ साहित्यकार समीक्षक डॉ रामसुधार सिंह ने भाषा ,समाज, संस्कृति ,विचार के अनेक संदर्भों को रखते हुए कहा कि यह सरोकार संपन्न पहल शिक्षा को नई दिशा देगी | जिला पंचायत सदस्य ,जौनपुर रंजना सिंह, उप परिवहन आयुक्त भीमसेन ,भजन गायक ओम प्रकाश ने भी अभियान के उद्देश्यों को सराहा | इस अभियान से सम्बंधित उद्देश्यों को लेकर नव भारत निर्माण समिति के सचिव बृजेश सिंह ने पत्रकार- वार्ता में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि इस सकारात्मक पहल द्वारा बच्चों के सपनों को सार्थक उड़ान देना है | पूर्वांचल के विभिन्न जिलों के लाखों विद्यार्थियों के लिए यह अभियान उपयोगी होगा उन्होंने बताया कि समुचित परामर्श, मार्गदर्शन, प्रेरणा और जरूरी सहायता कर बच्चों, किशोरों, युवाओं की विशिष्ट मेधा, अभिरुचि को सही दिशा देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के साथ उनके प्रबुद्ध और विश्व चेतस व्यक्तित्व का निर्माण करना है जिससे कि समाज व राष्ट्र निर्माण में वह समुचित योगदान कर सके | व्यक्ति, परिवार, समाज और राष्ट्र के साथ सम्पूर्ण संसार तथा मानवता के लिए इसकी उपयोगिता होगी उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान निरंतर विद्यार्थियों का स्थानीय व राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रेरक व्यक्तित्वों से संवाद भी कराना है |पलायन, असंतोष, कुंठा , निराशा जैसी स्थितियों - परिस्थितियों से निबटने और किसी भी तरह की चुनौतियों से उबरने में प्रसिद्ध वैज्ञानिक, शिक्षाविद, प्रशासनिक अधिकारी , राष्ट्रीय - अंतराष्ट्रीय खिलाड़ी, उद्योगपति, कलाविद एवं समाज के स्थापित प्रेरक व्यक्तित्व इस अभियान में योगदान दे रहे हैं | माता-पिता, परिवार, स्कूल, समाज और प्रेरक व्यक्तित्व मिलकर विद्यार्थियों के सपनों को पंख दें ,सपने देखना और उन सपनों को हौसले तथा प्रेरणा-प्रोत्साहन से उड़ान देना पुनीत कार्य है | शिक्षाविदों और हमारे राष्ट्र निर्माताओं ने शिक्षा को सर्वाधिक महत्व दिया है शिक्षा के द्वारा ही हम विषमताओं को समाप्त कर एक सभ्य समाज की नींव रख सकते हैं उन्होंने बताया कि इस अभियान में देश के अग्रणी वैज्ञानिक, कलाकार, साहित्यकार,शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता, सांस्कृतिक व्यक्तित्व एवं उद्योगपति जुड़े हैं |बृजेश सिंह एवं वक्ताओं ने कहा कि संसार में प्रत्येक व्यक्ति स्वयं में विशिष्ट है।यदि हम अपने उस विशिष्ट गुण को खोजकर विकसित करते हैं तो हमारी सफलता और सार्थकता दोनों बढ़ जाती है | अपनी उस विशिष्टता को न जानने से व्यक्ति जीवन भर भटकता रहता है और कई बार भौतिक रूप से सफल होकर भी निरर्थकता बोध से ग्रस्त रहता है इन्हें पंख दें" उसी विशिष्ट कौशल, गुण को खोजकर विकसित करने का अभियान है उन्होंने उम्मीद जताई कि सही समय पर सही मदद और समुचित मार्गदर्शन से यह साकार होगा | प्रतिस्पर्धा और अनेक दबावों की प्रत्येक चुनौती से विद्यार्थी निबटने में सक्षम हो इसकी भी यह कोशिश है बृजेश सिंह एवं उपस्थित सभी वक्ताओं ने आह्वान किया कि इस अभियान में जो भी साथी और संस्था तथा मंच जुड़कर अपना योगदान या सुझाव देना चाहें उनका स्वागत है |वाराणसी से सतीश कुमार वर्मा ,जौनपुर से शैलेश कुमार सिंह ,गोरखपुर से आकृति विज्ञा अर्पण ,बलिया से आलोक रंजन , आजमगढ़ से नरेंद्र कुमार तिवारी , गाजीपुर से सुनील कुमार यादव और देवरिया से वरुण कुमार वैष्णव को इस अभियान का संयोजक-समन्वयक बनाया गया |
अभियान की प्रमुख बातें जो बताई गई वे हैं -
1- विद्यार्थियों की सामाजिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक, शारीरिक एवं मानसिक क्षमता का आकलन करना |
2- उनकी आकांक्षा और क्षमता के आधार पर उनके लिए उपयुक्त कार्यक्षेत्र सुझाना |
3- उन्हें समय ,संसाधन ,भावना प्रबंधन के विषय में बताना और उसका एक रोड मैप उपलब्ध कराना |
4- भारत को विकसित राष्ट्र (शैक्षणिक, सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक, आध्यात्मिक एवं वैज्ञानिक रूप से) बनाने में उनकी भूमिका तलाशना और उस भूमिका के अनुरूप उन्हें उचित पथ प्रदर्शक एवं संसाधन उपलब्ध कराना |
5- उन्हें स्वयं, परिवार, समाज, राष्ट्र एवं पृथ्वी परिवार के लिए उपयोगी एवं सभ्य मानव बनने में सहयोग उपलब्ध कराना |
प्रमोद कुमार पाण्डेय, दान बहादुर सिंह, धर्मेंद्र कुमार, राजेश सिंह, शुभाशीष चटर्जी, हर्षवर्धन राय, डॉ शैलेन्द्र सिंह, डॉ अपर्णा सिंह सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे | अतिथियों का स्वागत एवं आभार प्रकाश राजेश मिश्र ने किया कार्यक्रम का संचालन गौरव मिश्र ध्रुव वात्स्यायन ने किया ||