संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
वाराणसी -- मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल की अध्यक्षता में बुधवार को विकास भवन के सभागार में किसान दिवस का आयोजन किया गया। जिसमें कृषि विभाग के साथ-साथ सिंचाई, लघु सिंचाई, सहकारिता, मत्स्य, उद्यान, नलकूप, पशुपालन, कृषि विज्ञान केंद्र, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक, रेशम,यूपी नेडा, दुग्ध विकास अधिकारी एवं जनपद के कृषकों द्वारा सहभागिता किया गया।संबंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा अपने-अपने विभागीय योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए अधिक से अधिक कृषकों को योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डा.एनके सिंह द्वारा बताया गया कि जिन कृषकों द्वारा अभी तक गेहूं की बुवाई नहीं की गई है, वो कृषक 31 दिसंबर तक गेहूं की पिछेती प्रजातियों का चयन कर सुपर सीडर एवं हैप्पी सीटर से बुवाई कर सकते हैं। जिला कृषि अधिकारी, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक द्वारा बताया गया कि जनपद में पर्याप्त मात्रा में यूरिया एवं अन्य फास्फेटिक उर्वरक उपलब्ध है। जिसे समितियों पर प्राथमिकता के आधार पर पहुंचाया जा रहा है। कृषकों से अपेक्षा की गई कि नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी का प्रयोग छिड़काव विधि से करें। जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह मौर्य ने बताया कि नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी का छिड़काव जो भी कृषक अपने गेहूं, आलू एवं सरसों की फसलों में कराना चाहते हैं, वो कृषक अपना नाम, गांव, ब्लॉक व मोबाइल नंबर, अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय में उपलब्ध करा सकते हैं। ताकि वहां पर नैनो यूरिया व नैनो डीएपी का प्रदर्शन कराया जा सके। जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने बताया कि ब्यूवेरिया वैसियाना कृषि रक्षा भण्डारों पर 75% एवं सल्फो सल्फ्यूरान कार्बेन्डाजिम,मैनक्रोजेब एवं पेंडीमेथिलीन मूल्य का 50% के अनुदान पर देय है। उपरोक्त रसायनों का फसलों में नियमानुसार प्रयोग करके किसी भी प्रकार के नुकसान से फसलों को बचाया जा सकता है। सीडीओ द्वारा समस्त विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि कृषकों की जो भी समस्याएं हों उसका समाधान नियमानुसार तत्काल करें।