विवेक राय की खास रिपोर्ट
वाराणसी- सम्पूर्णानंद संस्कृत विवि में सामाजिक विज्ञान विभाग व इण्डियन एसोसिएशन आफ जर्नलिस्ट (आई.ए.जे.) के संयुक्त तत्वावधान में हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर जी-20 एवं विश्व में भारत की बढ़ती भूमिका विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित हुआ।अध्यक्षता करते हुए सम्पूर्णानन्द संस्कृत विवि के वाइसचांसलर प्रोफेसर हरेराम त्रिपाठी ने कहा कि जी-20 नयी शिक्षा नीति का परिणाम है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उद्देश्य वसुदेवम् कुटुम्बकम् से हैं। हमें ऋषियों के अन्य तक जाना होगा। भारत आर्थिक और महाशक्ति के रूप में उभरेगा। मुख्य अतिथि पद्मश्री रजनीकान्त ने कहा कि जी-20 का प्रतिनिधित्व करना देश के लिए गौरव की बात सबसे अधिक बैठक अपने काशी नगरी में होना भी काशी के लिए गौरव है। भारत फिर से सोने की चिड़िया बनने जा रहा है, हमें अपने विरासत पर गर्व करना चाहिए। विशिष्ट अतिथि में राष्ट्रीय खिलाडी हैंड बाल, मिसेज बनारस,(कोहिनूर मिसेज इण्डिया इन्टरनेशनल-2023) वन्दना सिंह रहीं। संकायाध्यक्ष, आधुनिक ज्ञानविज्ञान विभाग प्रोफेसर हीरक कान्त चक्रवर्ती रहे। संयोजन आईएजे के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैलाश सिंह विकास ने किया। संगोष्ठी में विषय प्रवेश प्रोफेसर शैलेश कुमार मिश्र ने किया। अन्य वक्ताओं ने भी अपना विचार रखा। वार्षिक बुलेटिन दृष्टि का विमोचन हुआ। समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में अव्वल विभूतियों को काशी रत्न अलंकरण एवं शान-ए-काशी 2023 से अलंकृत किया गया। स्वागत मोतीलाल गुप्ता, संचालन डाक्टर अनुपम गुप्ता एड. धन्यवाद ज्ञापन
*जी-20 एवं विश्व में भारत की बढ़ती भूमिका विषयक संगोष्ठी में विभिन्न क्षेत्र की विभूतियां काशी अलंकरण और शान-ए-काशी से विभूषित*
हीरक चक्रवती ने किया। समारोह में सत्यनारायण द्विवेदी, अरविन्द विश्वकर्मा,मनोज सिंह,जियाउद्दीन, अर्जुन सिंह, आर्शीवाद सिंह, अयन बोस, मोहम्मद दाउद, आनन्द कुमार सिंह, विक्रम कुमार, विनय श्रीवास्तव, ऋषिदेव उपाध्याय राजू वर्मा, गया सेठ प्रकाश आचार्य दीन फारूकी, महेन्द्र पाण्डेय, प्रोफेसर शरद कुमार, ए आदित्य शंकर मित्र, श्री राकेश विश्वकर्मा आदि थे।