संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
वाराणसी। भेलूपुर और रोहनिया क्षेत्र में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की हत्या के मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। पुलिस ने अब तक 500 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं, जिनसे हत्याकांड में शामिल संदिग्धों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई गई है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, पुलिस का अनुमान है कि इस सामूहिक हत्या में चार से पांच लोगों का हाथ हो सकता है, जिन्होंने पिस्टल और रिवॉल्वर का इस्तेमाल करके इस वारदात को अंजाम दिया।
घटनास्थल पर पुलिस को 15 गोलियों के खाली खोल मिले हैं, लेकिन केवल तीन खोखे ही बरामद हुए हैं, जो वारदात की जटिलता को और बढ़ाते हैं। इसके अलावा, जांच में यह भी पाया गया है कि हत्यारों ने कीमती सामान और नकदी की भी तलाश की थी, क्योंकि घर के कमरों का सामान बिखरा हुआ पाया गया। घर में रहने वाले तीन किराएदार घटना की रात से ही लापता हैं और उनके मोबाइल भी बंद हैं, जो पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी बने हुए हैं।
इस हत्याकांड से पूरे वाराणसी शहर में शोक की लहर दौड़ गई। गुरुवार को जब परिवार के पांचों मृतकों के शवों को अंतिम संस्कार के लिए हरिश्चंद्र घाट लाया गया, तो पूरे माहौल में गहरा शोक था। घाट पर एक साथ पांच शवों का अंतिम संस्कार देख आसपास के लोग भी स्तब्ध थे। शवों के अंतिम संस्कार के दौरान पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे ताकि कोई अप्रिय घटना न घटे।
घाट पर राजेंद्र गुप्ता की मां शारदा गुप्ता भी उपस्थित थीं। जब उन्होंने अपने परिवार के सभी सदस्यों की चिताओं को देखा, तो उनकी आंखों में आंसू छलक पड़े। एक ओर जहां परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों ने इस दर्दनाक घटना पर शोक व्यक्त किया, वहीं दूसरी ओर, पुलिस मामले की गहरी जांच कर रही है और हत्यारों का पता लगाने में जुटी है।
राजेंद्र गुप्ता और उनके परिवार के पांच सदस्यों की हत्या के मामले की गुत्थी सुलझाने में पुलिस की परेशानी बढ़ती जा रही है। इस घातक हत्याकांड के बाद, पुलिस ने जांच के दौरान परिवार के कुछ सदस्यों पर शक जताया है, खासकर राजेंद्र गुप्ता के भतीजों पर। लेकिन हत्याकांड की असली वजह, क्या यह पारिवारिक विवाद था, बाहरी रंजिश या कोई और कारण, अब तक साफ नहीं हो पाया है।