संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
ज्ञान प्रताप सिंह
वाराणसी। वाराणसी आजमगढ़ हाईवे मार्ग पर महावीर मन्दिर के पास मंगलवार को कथा के आठवें दिन कथा वाचक श्री राजन महाराज जी अपने भक्तों को बताया कि प्रभु भगवान भोलेनाथ माता पार्वती जी को श्री राम कथा के आगे की वाक्यांश बताते हुये बताया कि भरत मिलाप मिलन से लेकर कौवा बना जयंत को तिनके से ब्रह्मास्त्र का बाण छोड़कर दंडित किया वही महाराज ने बताया कि प्रभु से बैर रखने वाले को तीनों लोको में कोई नहीं बचा सकता है साथ ही सुपुनखा का नक्टैया खरदूषण वध वर्णन करते हुए सीता हरण के कथा को बताया हरण के समय गिद्धराज जटायू रावण से आकाश मार्ग में लड़ते समय पंख कट जाने से गिर गए थे भगवान राम से मिले भगवान ने उनको सदगति प्राप्त कराई वही सेवरी के आश्रम में पहुंचकर सेवरी के रखे बेर का भोग लगाया भोग लगाने के बाद सेवरी ने मां जानकी का पता पंपापुर पहाड़ पर सुग्रीव उसके यहां मिलने को बताया साथ ही सेवरी भगवान प्रभु राम के दर्शन के बाद शरीर का त्याग कर दिया और बैकुंठ को चली गई महाराज ने बताया कि भक्ति के 9 मार्ग प्रथम भक्ति सत्संग दूसरी भक्ति कथा प्रसंग क्रोमोजोम नौ प्रकार की भक्ति करने से मनुष्य का उद्धार हो जाता है इस मौके पर विशिष्ट भाजपा विधायक सैयद राजा सुशील सिंह,रोहनिया विधायक सुनील पटेल,श्रवण मिश्रा,अर्चना मिश्रा,प्रेम यादव,प्रियंका यादव,प्रिंस चौबे,आदि लोगो के साथ साथ हजारो भक्त गण मौजूद रहते हुये श्री राम कथा का भरपूर आनंद उठाया और साथ में नौ दिन तक की निशुल्क सेवा क्षेत्र के महावीर स्थित लान मे आयोजित राजन महाराज की रामकथा मे आये भक्तो को नौ दिन तक निशुल्क दवा और इलाज शिवशक्ति हास्पीटल के चिकित्सक ने दिया।
डा0 एक के पाण्डेय की टीम ने दो हजार भक्त को प्राथमिक इलाज और दवा उपलब्ध कराया है। डा0 पाण्डेय के अनुसार शिव शक्ति मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल दानपुर चांदमारी के द्वारा नौ दिवसीय रामकथा मे भीषण ठंड के बाद भी हजारो की संख्या मे भक्त कथा सुनने आते थे कथा के दौरान प्रतिदिन लगभग दो सौ से अधिक भक्तगण को प्राथमिक इलाज और दवा दी जा रही थी। डा0पाण्डेय के साथ शुभम साहनी और चिकित्सय टीम भी प्राथमिक उपचार के लिए सेवा मे लगी रही। किशोर सर पर इतनी भीड़ होने के बाद भी कार्य क्रम को सफलता पूर्वक संपन्न कराने में चोलापुर प्रशासन के चंदा पुर चौकी प्रभारी मनीष पाल वह उनके सहयोगियों का अथक प्रयास रहा इस अवसर पर महाराज जी ने उनको उनके कार्य को देखते हुए उनको अपने हाथों से सम्मानित भी किया ऐसी कार्यशैली को देखकर पब्लिक में आत्म विश्वास जागृत होता है