*श्रद्धा और विश्वास से ही टिकता है वैवाहिक जीवन — स्वामी सुधीरानंद जी महाराज
पुर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़ संवाददाता दीपक सिंह
जौनपुर शाहगंज सीमा से सटे शिवधाम बेलवाई स्थित श्री भुवनेश्वर नाथ महादेव मंदिर प्रांगण में देवदीप मानव उत्थान सेवा समिति के तत्वावधान में चल रही संगीतमयी सप्तदिवसीय श्रीराम कथा के द्वितीय दिवस पर कथा की महिमा का मधुर गुणगान हुआ। काशी की पावन धरती से पधारे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथा वाचक पूज्य स्वामी सुधीरानंद जी महाराज ने कहा कि “कथा कामधेनु के समान है, जो भी प्राणी जिस भाव से इसका श्रवण करता है, उसे उसी भाव के अनुसार फल की प्राप्ति होती है स्वामी जी ने शिव विवाह प्रसंग की व्याख्या करते हुए कहा कि भगवान शिव विश्वास के प्रतीक हैं और माता पार्वती श्रद्धा स्वरूपा हैं। गृहस्थ आश्रम श्रद्धा और विश्वास के दो पायों पर टिका है। यदि पति-पत्नी के जीवन में ये दोनों तत्व बने रहें तो जीवन की गाड़ी प्रेम और सौहार्द से चलती रहती है। आज समाज में वैवाहिक रिश्तों में जो संकट दिखाई दे रहा है, उसका मूल कारण श्रद्धा और विश्वास की कमी है आयोजन के संयोजक पूर्व प्रधान श्री दिलीप मोदनवाल ने बताया कि वर्षा और मोथा तूफान के बावजूद कथा की परंपरा इस बार भी निर्बाध रूप से संपन्न हो रही है। उन्होंने कहा कि इस बार कथा का आयोजन नव निर्मित आदर्श श्रीराम कथा मंच पर हो रहा है, जिससे किसी प्रकार की बाधा नहीं आई। कथा के संरक्षक डा० वेद प्रकाश सिंह (राजू भइया) — श्री विश्वनाथ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स, कलान के प्रति उन्होंने हार्दिक आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मंदिर पुजारी राम अकबाल गिरी, फूल प्रकाश दूबे, कतवारू बिंद, शिवशंकर मोदनवाल, कृष्णा सोनी, दिलीप अग्रहरि, रोशन सोनी, पुष्पा गिरी, मीरा अग्रहरि आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे शिवधाम बेलवाई स्थित श्री भुवनेश्वर नाथ महादेव मंदिर में श्रीराम कथा में पूज्य स्वामी सुधीरानंद जी महाराज।