सौरव सिंह की खास रिपोर्ट
वाराणसी:रोहनिया/-दी तहसील बार एसोसिएशन राजातालाब के अधिवक्ताओं ने आपराधिक मुकदमे की सुनवाई तहसील में किये जाने को लेकर शुक्रवार को एसडीएम राजातालाब से मुलाकात किया जिस पर एसडीएम द्वारा दो दिनों का समय अधिवक्ताओ से लिया गया एसडीएम का कहना रहा कि डीएम से वार्तालाप के बाद जो निर्णय होगा वह अवगत करा दिया जायेगा।शुक्रवार से तहसील राजातालाब में अपराधिक मुकदमे की सुनवाई बन्द कर दी गयी जिसकी सूचना मिलते ही पूर्व महामंत्री प्रदीप कुमार सिंह के नेतृत्व में पहुँचे दर्जनो अधिवक्ताओ ने बीरेंद्र बाबू से वार्तालाप कर जानकारी लिया तो उनका कहना रहा कि एसडीएम साहब के आदेश पर सुनवाई बन्द किया गया है।विदित हो कि कमिश्नरेट व्यवस्था के विरोध में पुलिस मजिस्ट्रेट न्यायालय की स्थापना तहसील परिसर राजातालाब मे समाहित संपूर्ण गांव के लिए स्थापित किये जाने की माँग अधिवक्ताओं ने किया था।वही इस संबंध में अधिवक्ताओ का कहना रहा कि धारा 107/116/151/133 व 145 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत अपराधों का विचारण पुलिस मजिस्ट्रेट द्वारा किया जाने लगा जिसका मुख्यालय पुलिस लाइन में है पुलिस लाइन वाराणसी कचहरी से बहुत ज्यादा दूर नहीं था इसलिए सॉरी क्षेत्र के थानों से संबंधित उपरोक्त धाराओं के अपराधों का विचारण की न्यायिक ककार्यवाही मे अधिवक्ताओ और वादकारियों को ज्यादा कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ता था लेकिन ग्रामीण अंचल के सभी थानों को पुलिस कमिश्नरेट भाग हो जाने के बाद से उपरोक्त धाराओं की न्यायिक कार्यवाही का क्षेत्राधिकार उप जिलाधिकारी से छिन गया और यह अधिकार पुलिस कमिश्नर के नियंत्रणाधीन पुलिस उपाधीक्षक स्तर के पुलिस अधिकारी के पास चला गया। अब नई प्रक्रिया के तहत ग्रामीण अंचल के 107/116/151 के पुलिस चालान पुलिस मजिस्ट्रेट के न्यायालय में पुलिस लाइन में जाने लगा।पुलिस लाइन की तहसील राजातालाब से दूरी 21 किलो मीटर है जिससे अधिवक्ताओं व वादकारियों को न्यायिक कार्य करने में अत्यधिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।तहसील राजातालाब परिसर में पुलिस उपाधीक्षक सदर का कार्यालय पूर्व से ही है इसी परिसर में पुलिस मजिस्ट्रेट कार्यालय का स्थापना किया जाए।जानकारी लेने वालों में पूर्व महामंत्री प्रदीप कुमार सिंह,पूर्व महामंत्री नंद किशोर सिंह,संयुक्त सचिव प्रशासन राकेश राजभर,पूर्व कोषाध्यक्ष अमृत कुमार,अखिलेश गुप्ता,गौरव उपाध्याय,मनोज कुमार,अजय श्रीवास्तव इत्यादि लोग रहे