अतुल राय की खास रिपोर्ट
हरहुआ।ग्राम प्रधान ग्राम स्तर पर उपलब्ध स्थानीय संसाधनों,कौशल और क्षमताओं का समुचित उपयोग कर ग्राम पंचायतें जमीनी स्तर पर विकास कार्यो में जलवायु परिवर्तन अनुकूलन और आपदा न्यूनीकरण के उपायों को मुख्यधारा में लाने की दिशा सार्थक पहल कर सकती हैं।उक्त बातें जिला ग्राम विकास संस्थान,परमानंदपुर में तीन दिवसीय 'जलवायु परिवर्तन व जलवायु जनित आपदाओं पर पंचायत प्रतिनिधियों का क्षमता संवर्द्धन विषयक' चल रहे प्रशिक्षण सत्र के समापन अवसर पर रिटायर्ड जिला विकास अधिकारी डॉ0 डीआर विश्वकर्मा ने कही।आवश्यकताओं,समस्याओं की पहचान एवं प्राथमिकताओं का निर्धारण,जोखिम न्यूनीकरण गतिविधियों की पहचान,योजनाओं व कार्यक्रमों की पहचान एवं नियोजन प्रक्रिया में स्थानीय समुदायों की भागीदारी को बढ़ावा देने की जानकारी मास्टर ट्रेनर सुरेश पाण्डेय ने प्रतिभागियों के सहयोग से रोलप्ले के माध्यम से दी। प्रशिक्षण के समापन अवसर पर जिला प्रशिक्षण अधिकारी विमल कुमार सिंह ने तीन दिवसीय प्रशिक्षण के संदर्भ में प्रतिभागी ग्राम प्रधानों का विचार जाना और सभी प्रतिभागियों का आभार जताते हुए प्रमाण -पत्र वितरित किया। अन्य मुख्य वक्ताओं में रिटायर्ड सीडीओ हीरालाल,मास्टर ट्रेनर राधेश्याम यादव,मुलायम सिंह यादव,सुरेश तिवारी सहित ग्राम प्रधान गुरुप्रसाद,सुरेंद्र गुप्ता,ओमप्रकाश गिरी,धनंजय पाण्डेय,सन्तराम सिंह,सत्येंद्र कुमार यादव,संजय कुमार सिंह,राजेश कुमार व चन्दौली जनपद के सभी विकास खण्डों से 20 ग्राम प्रधान व पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।