विवेक राय की खास रिपोर्ट
*बारह दिवसीय विरहा दंगल में वीर रस के गायन से भरा देश भक्ति का जोश।
हरहुआ। स्वतंत्रता आंदोलन में किस कदर देश के वीरों ने अंग्रेजो से लड़ाईयां लडी, बिरहा के माध्यम से आयर में हो रहे बारह दिवसीय बिरहा दंगल में गायकों ने श्राेताओं के समक्ष गीत प्रस्तुत किया। पंकज पुजारी वाराणसी एवं उजाला यादव आजमगढ़ के बीच हुआ।
पंकज पाल पुजारी ने स्वतंत्रता आंदोलन के सजग प्रहरी पंजाब प्रांत के हिम्मत सिंह पहलवान की गौरव गाथा से श्रोताओं का रोम रोम झकझाेर दियां। "जवानियां जुल्मी बागी बन गई नाहर बचा लिया हिंद के पनिया" बिरहा के बोल जैसे लगा कि साक्षात घटनाएं हो रही हो। पहलवान हिम्मत सिह ने अंग्रेजी पहलवान की चुनौती स्वीकार करते हुए पटकनी दी थी।अंग्रेजो ने इसका बदला बेइमानी से इंग्लैड सम्मान करने के बहाने बुलाकर लिया। हिम्मत सिंह को कैद कर लिया। बीस वर्ष के पश्चात हिम्मत सिंह का लड़का कुश्ती लड़ने के लिए वीर सिंह इग्लैंड में जाता है जहॉ पिता हिम्मत सिंह और बेटा वीर सिंह ने हेनरी को बेइमानों ने दोनो को फांसी दे दी थी। दूसरी ओर उजाला यादव ने देश के सजग प्रहरी एक फौजी की शहादत होने पर उसके परिवार पर होने वाले बज्रपात की मार्मिक वीर रस बिरहा प्रस्तुत किया। उजाला यादव ने झांसी जनपद के संपत किसान का बेटा संजय फौजी की बिधवा पत्नी की दर दर की ठोकरों की कहानी से श्रोताओ के दिलों का दर्द आंखों से टपकने लगा।
कार्यक्र के मुख्य अतिथि डा़0 अनिल यादव (न्यू लक्ष्मी हास्पिटल एवं ट्रामा सेंटर सरायकाजी) ने कहा कि-???? बिरहा के असली धरोहर श्रोता है। जो लगातार जाग करके गायको का उत्साह बढ़ा रहे हैं। बिरहा भोजपुरी गायन की आत्मा है। बिरहा के बीना भोजपुरी अस्तित्व खो देगी। बिरहा का उच्चतम शिखर बना रहे इसके लिए सभी को तैयार रहना होगा।
कमेटी के अध्यक्ष दिनेश यादव 'गायक' ने अतिथि एवं कलाकारो का स्वागत बनारसी साफा बांध कर किया। स्वामी अड़गड़ानन्द जी महाराज द्वारा लिखित "यथार्थ गीता" के अभ्यासयोगोनाम छठां अध्याय एवं समग्रबोध नामक सातवें अध्याय का पाठ जनार्दन पाठक एवं मुकुन्द जायसवाल ने किया। आर0 डी0 यादव ने संचालन किया। इस अवसर पर एडवोकेट कार्तिकेय यादव‚ बलदाउ यादव राष्ट्रीय अध्यक्ष जन शक्ति संगठन‚ रामसूरत यादव प्रधान‚ नीरज पाल‚ राहुल यादव‚ सुनील यादव‚ वीरेन्द्र यादव‚ अनिल यादव‚ सुद्धन विश्वकर्मा सहित कई लोग उपस्थित रहे।