संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
अतुल राय
हरहुआ,वाराणसी।* इनफार्मेशन टेक्नालॉजी व डिजिटलीकरण के माध्यम से महिलाएं सशक्त होकर देश की गति के साथ समाज को गतिमान व उन्नतिशील बनाने का कार्य करेंगी।उक्त बातें जिला ग्राम्य विकास संस्थान परमानंदपुर में चल रहे ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्रायोजित आवर्तक मद अंतर्गत ग्रामीण विकास योजनाओं के बारे में ग्रामीण महिलाओं का सशक्तिकरण विषयक पाँच दिवसीय प्रशिक्षण सत्र के पांचवें दिन समापन अवसर पर राज्य सेवा निवृत्त जिला विकास अधिकारी डॉ. दयाराम विश्वकर्मा ने अपने सम्बोधन में कही।जिला मिशन प्रबन्धक श्रवण कुमार सिंह द्वारा संकुल स्तरीय संघ की अवधारणा एवं प्रबन्धन विषय पर प्रतिभागियों को जानकारी देते हुए एक सशक्त नारी बनकर संचालित योजनाओं की जानकारी द्वारा स्वरोजगार को खड़ाकर आत्मनिर्भर बनने का कार्य करेंगी।यह प्रशिक्षण उनके लिए मददगार साबित होगी।राज्य प्रशिक्षक के0एल0 पथिक ने सतत विकास लक्ष्य (SDG) - 2030 के सम्बंध में जानकारी देते हुये बताया गया कि इसके माध्यम से आने वाले 2030 तक बेहतर स्वास्थ्य,गरीबी उन्मूलन और सबके लिए शांति और समृद्ध जीवन सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए हम सभी को मिलकर सामूहिक प्रयास से पूरा करना होगा।समापन अवसर पर जिला प्रशिक्षण अधिकारी विमल कुमार सिंह ने प्रशिक्षार्थियों के साथ समूह चर्चा कर प्रशिक्षण सत्र का फीडबैक लिया। साथ ही विभिन्न योजनाओं से जुड़कर स्वयं रोजगार के संसाधन को खड़ा करे।औरों को रोजगार देने वाला बनकर समाज को मजबूत बनाएं।प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर सुरेश पांडेय,अमरनाथ द्विवेदी,सुरेश तिवारी,अजीत कुमार,प्रमोद चौबे,पुष्पा सिंह,मुलायम सिंह यादव,सुनीता,ममता,आशा देवी,मीना देवी,पूजा सिंह,सीमा,प्रेमलता व कुसुम सहित वाराणसी जनपद के विकास खण्ड चिरईगांव,बड़ागांव,चोलापुर व हरहुआ से चयनित स्वयं सहायता समूहों के 25 पदाधिकारियों ने प्रतिभाग किया। प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र व बैग वितरित कर प्रशिक्षण का समापन किया गया।