संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
अतुल राय
वाराणसी।स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के माध्यम से महिलाएं हो रही हैं सशक्त और आत्मनिर्भर । जुड़ी महिलाएं रोजगार के साथ अब सम्मान पाने लगी हैं उनके अंदर एक अलग आत्मविश्वास बढ़ रहा है।उक्त बातें जिला ग्राम्य विकास संस्थान परमानंदपुर में चल रहे ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्रायोजित आवर्तक मद अंतर्गत ग्रामीण विकास योजनाओं के बारे में ग्रामीण महिलाओं का सशक्तिकरण विषयक पाँच दिवसीय प्रशिक्षण सत्र के तृतीय दिवस में राज्य प्रशिक्षक कन्हैयालाल पथिक ने अपने सम्बोधन में कही।सेवा निवृत्त मुख्य विकास अधिकारी हिरालाल द्वारा मिशन अंत्योदय सामाजिक न्याय हेतु महत्वपूर्ण विषय पर प्रतिभागियों को जानकारी दी। तकनीकी सहायक सत्यप्रकाश श्रीवास्तव द्वारा मनरेगा योजना अंतर्गत अनुमन्य कार्य,प्राकृतिक संसाधन प्रबन्धन एवं कृषि सम्बन्धी कार्यो पर जानकारी दी।महिला सशक्तिकरण में खाद्य सुरक्षा प्रबन्धन पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी मानवेन्द्र सिंह ने प्रतिभागियों को जानकारी दी।मास्टर ट्रेनर सुरेश पाण्डेय द्वारा मनरेगा अधिनियम-2005 के प्रमुख प्रावधानों पर प्रकाश डाला गया।जिला प्रशिक्षण अधिकारी विमल कुमार सिंह ने प्रशिक्षार्थियों के साथ समूह चर्चा कर प्रशिक्षण सत्र का फीडबैक लिया।और कहा कि प्रतिभागी अपनी जिम्मेदारियों के दायित्व को समझकर पूरा करने का कार्य करें। प्रशिक्षण में अमरनाथ द्विवेदी,सुरेश तिवारी,मुलायम सिंह यादव,अजीत कुमार,सुनीता,ममता,आशा देवी,मीना देवी,पूजा सिंह,सीमा,प्रेमलता व कुसुम सहित विकास खण्ड चिरईगांव,बड़ागांव,चोलापुर व हरहुआ से चयनित स्वयं सहायता समूहों के 25 पदाधिकारियों ने प्रतिभाग किया। चार्ट के जरिये अपनी भावनाओं का सराहनीय प्रदर्शन किया।