संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
अतुल राय
वाराणसी। प्रधान क्षेत्र पंचायत स्वाभिमान संघ के बैनर तले जनपद के क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने अपने मांगो को लेकर एक बार फिर जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपा और शासनादेश के तहत हक दिलाने का मांग उठाया।
क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने दोनों अधिकारियों को सौपे पत्र में कहा कि दिसम्बर 2021 के शासनादेश के तहत बीडीसी की 6 बैठक प्रतिवर्ष व एक हजार रूपया प्रति बैठक, तीन लाख रूपया दुर्घटना बीमा, क्षेत्र पंचायत द्वारा मनरेगा कार्य और 07 अप्रैल 2022 के शासनादेश के अनुसार बीडीसी द्वारा बनाये गये आय जाति, निवास प्रमाण को भी ग्राम प्रधानों की तरह मान्यता मिलनी चाहिए। जबकि इनमें से कोई भी निर्देश का पालन नहीं हो रहा है।
जिलाध्यक्ष अनिल पटेल ने क्षेत्र पंचायत सदस्यों के लिए रु 20 लाख प्रतिवर्ष विकास निधि के रूप में देने का मांग उठाया और कहा कि यदि सरकार सभी जिलों में अपने आदेश को लागू कराए, वरना मजबूर होकर क्षेत्र पंचायत सदस्यों को सड़क पर उतरना पड़ेगा। जिला उपाध्यक्ष अजय चौबे ने कहा कि सरकार बीडीसी भाइयों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। एक ग्राम प्रधान के तरह ही क्षेत्र पंचायत सदस्य भी जनता द्वारा चुने जाते हैं,जनता के प्रति इनकी भी जिम्मेदारी होती है लेकिन सरकार के इस सौतेलापन रवैया से यह अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं कर पा रहे हैं। सरकार या तो इनका हक दे अन्यथा इस पद को ही समाप्त कर दे, जिससे जनप्रतिनिधियों या सरकार दोनों आर्थिक बोझ से मुक्त हो जाएंगे। मान्य नहीं किये जा रहे है।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष अनिल कुमार पटेल ,जिला उपाध्यक्ष अजय चौबे, जिला प्रभारी राजेश वर्मा, जिला महासचिव यशवंत पटेल,चांद रतन, शम्भुनाथ पटेल, प्रदीप कुमार पटेल समेत दर्जनों क्षेत्र पंचायत सदस्य मौजूद रहे।