विनोद नाथ यति की खास रिपोर्ट
वाराणसी
हरहुआ। आयर बाजार में हो रहे बारह दिवसीय बिरहा दंगल के 10वें दिन गायकों ने आजादी के मतवाले क्रतिकारियो बलिदानों की गौरव गाथा से श्रोताओं को इतिहास से रूबरू कराया। नई पुरानी धुनों एवं तर्जों से खूब मनोरंजन कराया।महेंद्र बच्चन जौनपुर ने हरियाणा के नाहर पहलवान की अंग्रेज की लड़ाई का वर्णन किया। दूसरी ओर बिहार की मीरा मूर्ति ने क्रांतिकारी उधम सिंह के बलिदान का बिरहा सुनाई।"तरे नरियरवा क पानी ऊपर श्याम गेंदा लगा दा","नई झूलनी के नीचे बलम दुपहरिया छहां ला हो","नई नई प्रीत लगल अहिरनवा हम गवनवा नाही जाब","दिलवा ले गयिनय राजा बोतल में भर के" आदि गीतो से श्रोताओं का खूब मनोरंजन कराया। स्वामी अड़गड़ानंद जी महाराज की लिखित यथार्थ गीता के "विश्वरूप दर्शन योग" नामक ग्यारहवां, "भक्ति योग" नामक बारहवां एवं "क्षेत्र क्षेत्रज्ञ विभाग योग" नामक तेरहवें अध्याय का पाठ मुकुंद जायसवाल,जनार्दन पाठक एवं आर डी यादव ने किया। अध्यक्ष दिनेश यादव ने बनारसी साफा बांधकर गायकों को सम्मानित किया। इस मौके पर संदीप पाण्डेय,फौजी रामबचन प्रधान,राजेश उर्फ निब्बुल यादव,पारस यादव,बसंतलाल यादव,वीरेंद्र यादव आदि लोग उपस्थित रहे।