संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
अतुल राय
*रामेश्वर,वाराणसी*। पंचकोशी परिक्रमा स्थित रामेश्वर धाम में स्थित मां तुलजा-दुर्गा भवानी का वार्षिक श्रृंगार शनिवार को परपरागत रूप से11वैदिक बाल ब्राह्मणों व आचार्य गणों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सम्पन्न हुआ।मन्दिर के पुजारी आचार्य प0 अनूप तिवारी के अनुसार प्रतिवर्ष चैत्र शुक्ल एकादशी को माता जी का वार्षिक श्रृंगार सदियों परम्परागत रूप से मनाया जाता है। माँ तुलजा महाराष्ट्र के तुलजापुर गांव की मराठियों की इष्ट देवी हैं। रामदास समर्थ की पूजी हुई देवी हैं। माता ने शिवाजी को रत्नजड़ित तलवार प्रदान की थी। पंचकोशी काशी में प्रवास की कामना से यहाँ वास कर रही हैं।आततायी औरंगजेब जब हिन्दूमन्दिरों व मूर्तियों को खंडित कर रहा था उस समय काला भौरा का रूप बनाकर उसे परास्त किया। माँ की महिमा है कि किसी अनिष्ट की जानकारी पुजारी को स्वप्न में बताकर सबकी रक्षा करती हैं। अगाध आस्था के साथ क्षेत्र के सहयोग से माताजी का श्रृंगार होता है। सुबह पूजन हवन के बाद माँ का पट खुला जय जय कारा के साथ दर्शन का क्रम देर रात तक चलता रहा। दोपहर में ही गांव की महिलाओं ने नङ्गे पांव धार यात्रा निकालकर चौरा माता मंदिर जाकर चढ़ाया। दर्शन के लिए महिलाओं,पुरुषों,युवक-युवतिय,बच्चों ने आस्था संग दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया। क्षेत्र के रामेश्वर,हिरमपुर,लक्षिपुर,परसीपुर,जगापट्टी,भुइली,पेडूका,बरेमा,रसूलपुर,हथिवार,चक्का,औसानपुर, नेवादा,इंदरपुर,सोहिला,भटौली,हरहूआ,करोमा,खेवली सहित कई गाँवो व जनपद जौनपुर,आजमगढ़ के भक्तों ने दर्शन पूजन किया और भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।सांस्कृतिक संध्या का आयोजन देर रात तक चला। जहां देवी गीत,चैती ,ठुमरी,दादरा,गजल का एक से एक कार्यक्रम चला।क्षेत्रीय कलाकारों के साथ साथ काशी सहित विदेशी कलाकारों में सराहनीय गीत की प्रस्तुति तबला,गिटार,हारमोनियम,ढोलक व बैंजो पर प्रस्तुत किया। देवी गीत के साथ वाह-वाह का दौर देर रात तक चला। कार्यक्रम संयोजक अन्नू तिवारी,प्रमोद तिवारी ने भक्तजनों,कलाकारों का स्वागत कर प्रसाद व उपहार प्रदान की।