संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
अतुल राय
*वाराणसी।* महिला सशक्तिकरण का उद्देश्य महिलाओं की प्रगति और उनमें आत्मविश्वास का संचार करना है। महिलाओं का सशक्तिकरण करना देश के विकास के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। क्योंकि वे रचनाकार होती हैं,अगर उन्हें योजनाओं की जानकारी देकर सशक्त,शक्तिशाली बनाकर प्रोत्साहित किया जाय तो यह ग्रामीण विकास की योजनाओं को अंतिम व पात्र लाभार्थी तक पहुँचाने में अपनी अहम भूमिका निभाएंगी।उक्त बातें जिला ग्राम्य विकास संस्थान परमानंदपुर में चल रहे ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्रायोजित आवर्तक मद अंतर्गत ग्रामीण विकास योजनाओं के बारे में ग्रामीण महिलाओं का सशक्तिकरण विषयक पाँच दिवसीय प्रशिक्षण सत्र के द्वितीय दिवस में सेवा निवृत्त मुख्य विकास अधिकारी हीरालाल ने अपने सम्बोधन में कही।इसी क्रम में रिटायर्ड डीडीओ डॉ. दयाराम विश्वकर्मा द्वारा प्रधनमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के बारे में प्रतिभागियों को जानकारी दी गयी।मास्टर ट्रेनर सुरेश पाण्डेय द्वारा एनआरएलएम अंतर्गत ग्राम संगठन की अवधारणा,कार्य एवं दायित्व पर प्रकाश डाला गया।इसके पूर्व जिला प्रशिक्षण अधिकारी विमल कुमार सिंह ने प्रशिक्षार्थियों के साथ समूह चर्चा कर चल रहे प्रशिक्षण सत्र का फीडबैक लिया। प्रशिक्षण में अमरनाथ द्विवेदी,मुलायम सिंह यादव,बेबी देवी,मीना देवी,पूजा सिंह, सीमा व कुसुम सहित वाराणसी जनपद के विकास खण्ड चिरईगांव,बड़ागांव,चोलापुर व हरहुआ से चयनित स्वयं सहायता समूहों के 25 पदाधिकारियों ने प्रतिभाग किया है।