विश्वनाथ प्रताप सिंह की खास रिपोर्ट
हरहुआ। राजर्षि राजित प्रसाद यादव ने अपने सम्पूर्ण राजनीतिक जीवन काल में समाजवादी विचारधारा को आत्मसात करते हुए एक संत का जीवन जीया। उन्होंने सामान्य जीवन जीते हुए भी समाज के लिए असामान्य योगदान दिया। राजित यादव वास्तव में एक समाजवादी संत थे। उक्त बाते विधान परिषद के पूर्व नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने मंगलवार को आयर स्थित शिव मंदिर पर आयोजित सैदपुर के पूर्व विधायक स्व0 राजित प्रसाद यादव की द्वितीय पुण्यतिथि के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किया।विशिष्ट अतिथि एमएलसी आशुतोष सिंहा ने कहा कि जीवन में ऊंचाई पाकर भी जमीन न छोड़ने वाले व्यक्ति का उत्कृष्ट उदाहरण थे बाबू राजित प्रसाद। विशिष्ट अतिथि बसपा के पूर्व एमएलसी सुबोधराम ने कहा कि राजित यादव ने दल की नहीं, दिल की राजनीति की थी।विशिष्ट अतिथि उत्तर प्रदेश सहकारी आवास संघ लि. के चेयरमैन आरपी कुशवाहा ने कहा कि राजित यादव ने राजनीति की सूचिता को स्थापित किया। वे उत्तर प्रदेश के पहले ऐसे विधायक थे जिनके पास अंतिम समय तक खुद का न मकान था,न कोई गाड़ी और न ही कोई वाहन था।कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व विधायक राजित यादव की प्रतिमा पर माल्यार्पण,दीप प्रज्वलन एवं श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि से हुई। कार्यक्रम में लोकगायक डॉ0 मन्नू यादव और रामजनम ने पूर्व विधायक के जीवन पर आधारित बिरहा प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन आकाशवाणी के पूर्व उदघोषक राकेश यादव रौशन,अध्यक्षता बिरहा के राष्ट्रीय कवि हरिद्वार प्रसाद विह्वल,स्वागत भाषण पूर्व विधायक के पुत्र डॉ0 भारत भूषण यादव ने और धन्यवाद ज्ञापन दिनेश यादव गायक ने किया। इस अवसर पर विजय यादव पूर्व एमएलसी,त्रिलोकीनाथ पांडेय,सरफराज पहलवान,ज्ञानी जैल सिंह यादव प्रधान,अरुण यादव,बीएल फ़ौजी,विजय बहादुर यादव,दिलावर यादव,सत्यदेव यादव,सूबेदार यादव,प्रभु प्रधान,शालिनी यादव,हुकुमचंद यादव,जंत्रलेश्वर यादव,डॉ. राजेश यादव बल्ली,डॉ.अनवर हुसैन,मनोज यादव कोनिया,गोवर्धन पूजा समिति के अध्यक्ष अशोक यादव मुख्य रूप से उपस्थित थे