सौरभ सिंह की खास रिपोर्ट
राजा तालाब वाराणसी काशी पंचक्रोशी यात्रा इस वर्ष पुनः 22 फरवरी से 26 फरवरी 2023 तक आयोजित की गई है इस वर्ष पंचकोशी यात्रा बड़े हर्ष और उल्लास के साथ अपना शताब्दी वर्ष मना रही है, सुप्रसिद्ध कथा वाचक श्री विश्वनाथ नारायण पालंन्दे जी की सन्निधि में आचार्य व्रजेन्द्र व्यास जी महाराज के द्वारा (काशी खंडोक्त)काशी महात्मा की कथा का आयोजन भी रखा गया हैहर वर्ष की तरह इस वर्ष भी काशी नरेश के परिवार से राजकुमारियां भी काशी माहात्म्य कथा श्रवण करने आतीं हैंआज यात्रा का द्वितीय पढ़ाव भीम चंडी देवी के मंदिर के पुजारी रोहित मिश्रा पंडित रविशंकर मिश्रा द्वारा पूजा कराया गया रहा दातार पंचक्रोशी यात्रा मंडल अध्यक्ष रामशरण सेठ मंत्री देवकी कपूर कोषाध्यक्ष कृष्ण कुमार शर्मा एवं सहयोगी भैया लाल यादव, राजकुमार शर्मा, रवि शरण सेठ, के द्वारा यात्रा संपादित हो रही है।यात्रा में गुजरात से, महाराष्ट्र से, मध्य प्रदेश से, नेपाल से, बिहार से,और उत्तर प्रदेश से अनेक यात्री आकर यात्रा के साथ कथा का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।डॉ निर्मला झंवर की गुरु वंदना एवं अमित कुमार पांडे के शांति पाठ से प्रारंभ हुई जिसमें आचार्य विजेंद्र व्यास जी ने बताया की पंचक्रोशी यात्रा अनेक जन्मों के पापों को भी नष्ट कर देती है और की शिव भक्ति भी देती है काशी शिवलिंग का स्वरूप है और संपूर्ण काशी में 33 करोड़ देवी देवता विद्यमान है इसलिए मात्र काशी की यात्रा करने से ही संपूर्ण पृथ्वी की यात्रा करने का फल मनुष्य को प्राप्त होता है भगवान राम ने इस यात्रा को किया भगवान कृष्ण ने पांडवों के साथ इस यात्रा को किया था अतः प्रत्येक मनुष्य को इस यात्रा को अवश्य करना चाहिए।