संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
वाराणसी-- पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल के निर्देशानुसार, पुलिस उपायुक्त साइबर क्राइम नीतू कादयान व अपर पुलिस उपायुक्त साइबर नोडल वैभव बांगर के पर्यवेक्षण में तथा सहायक पुलिस आयुक्त साइबर क्राइम के नेतृत्व में साइबर क्राइम व चितयीपुर की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा विदेश से आने वाली ठगी की काल को भारतीय लोकल नंबर में बदलकर लोगों को धोखा देने वाले सिम बॉक्स नेटवर्क का कमिश्नरेट वाराणसी के द्वारा भण्डाफोड़ करते हुए 14 अक्टूबर 2026 को शहर के तीन किराए के ठिकानों से छापेमारी कर 6 सिम बॉक्स राउटर, वीपीएन गेटवे, व अन्य उपकरण बरामद कर करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों के नाम क्रमशः मोहम्मद आबिद पुत्र अब्दुल मजीद उम्र 40 वर्ष निवासी सीके 47/5 सराय हड़हा थाना चौक वाराणसी तथा दूसरे का शशि शेखर सिंह पुत्र प्रकाश सिंह निवासी के 57/ 75 नवापुरा दारानगर वाराणसी उम्र 24 वर्ष बताया गया।एक वांछित अभियुक्त सौगात अस्थाना पुत्र रविंद्र कुमार अस्थाना निवासी ब्लॉक बी फ्लैट नंबर 706 ईमार एलआईजी पुलिस हेडक्वार्टर के पीछे ओमेक्स अपार्टमेंट लखनऊ भी है। जिसकी तलाश जारी है। पुलिस द्वारा अभियुक्तों के तीनो अड्डे अशोक पुरम कालोनी एकता नगर शिवपुर,बालाजी भवन सामने घाट लंका, कैलाश पुरी कालोनी चितयीपुर से 6 सिम बाक्स, 192 सिम स्लाट, चार मोबाइल फोन, 10 एडाप्टर, 190 एंटीना, 3 ऑप्टिकल फाइबर केबल, 6 इथरनेट केबल,3 वाई फाई कैमरा बरामद किया गया। दोनों अभियुक्तों को गुरुवार को मीडिया के सामने पेश करते हुए उपायुक्त साइबर क्राइम नीतू कादयान ने बताया कि साइबर क्राइम की प्रतिबिंब टीम द्वारा प्रतिबिंब पोर्टल पर प्रदर्शित हो रहे संदिग्ध नंबरों व मूल खाते की इस खाते से देश के अलग-अलग राज्यों की 41 साइबर शिकायतें पाई गई। इसमें पुणे की एक डिजिटल अरेस्ट की शिकायत भी शामिल थी। जिसमें 25 लाख रुपए इसी खाते में आए। खाताधारक मोहम्मद आबिद 40 वर्ष निवासी सराय हड़हा थाना चौक से पता चला कि गिरोह वाराणसी में तीन जगह सिम बॉक्स रखकर कॉलिंग करता है। सिम बाक्स के कार्यप्रणाली के बारे में बताया कि सिम बाक्स सिम ओवर आईपी तकनीक पर चलाया जाता था। बॉक्स में भौतिक सिम नहीं मिली। विदेश से इंटरनेट के रास्ते आई कॉल को गेटवे के जरिए स्थानीय मोबाइल टावर के जरिए जनरेट किया जाता था। इससे पीड़ित को कॉल भारतीय नंबर से आती है और काल की असली लोकेशन छिपी रहती है। इसी तरीके से डिजिटल अरेस्ट जैसी ठगी की कालें की जा रही थी। पुलिस द्वारा दोनों व्यक्तियों को भा0द0वि0 की धारा 318(4),319(2),317(2),61(2)बी,112 (2) बीएनएस 66डी आईटी एक्ट के अन्तर्गत मुकदमा पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही करते हुए जेल भेजा गया। अभियुक्तों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम दिनेश चंद्र, उ0नि0 कृष्ण कुमार जायसवाल, उ0नि0 आलोक कुमार यादव,का0 अंकित गुप्ता तथा सराहनीय गिरफ्तारी करने वाली शिवपुर की पुलिस टीम में उ0नि0 अमीर बहादुर सिंह,आ0 मोहन लाल,आ0 लवकुश कुमार, उ0नि0 नवीन चतुर्वेदी,आ0 अनुराग चौधरी,चितयीपुर से उ0नि0 अवनीश कुमार,आ0 आदित्य तिवारी,आ0 सुजीत कुमार आदि शामिल रहे।