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तुलसी दास ने रामचरितमानस से जीवन की विषमताओ को समतामूलक स्वरूप प्रदान किया

03 July, 2026  |  06:26 PM
तुलसी दास ने रामचरितमानस से जीवन की विषमताओ को समतामूलक स्वरूप प्रदान किया

संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़

 

वाराणसी। महाराज बलवन्त सिंह स्नातकोत्तर महाविद्यालय के गंगापुर परिसर में तुलसी जयंती के उपलक्ष्य में दिनांक ११ अगस्त २०२४ को अखिल भारतीय श्री रामचरितमानस अंताक्षरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम शुभारम्भ पूज्य संस्थापक महाराज,माँ सरस्वती,गोस्वामी तुलसीदास एवं प्रभु श्री राम के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन करके किया गया। स्वस्तिवाचन डॉ अभिषेक अग्निहोत्री व सरस्वती वंदना महाविद्यालय की छात्रा रीता देवी द्वारा किया गया।मंच पर मुख्य निर्णायक मंडल हेतु प्रो. श्रीनिवास पांडेय,काशी हिंदू विश्वविद्यालय,प्रो. नलिनी श्याम कामिल,महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ व प्रो. रमेश चन्द्र पाठक,जगतपुर पी जी कॉलेज उपस्थित रहे। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. पुरुषोत्तम सिंह,प्रो आलोक कुमार कश्यप और प्रो शैलेंद्र कुमार सिंह ने मंचस्थ अतिथियों का स्वागत माला,उपवस्त्र,रामचरितमानस की प्रति और मोमेन्टो के द्वारा किया । प्रतियोगिता में नौ महाविद्यालय/विद्यालय की टीम ने प्रतिभाग किया । जिसमें महाराज बलवंत सिंह पी जी कॉलेज की आंचल पाठक और अर्चना पटेल ने प्रथम स्थान,महारानी जयंती कुंवरि कॉलेज चकिया चंदौली की रेशमा और आफरीन ने द्वितीय स्थान और रणवीर संस्कृत विद्यालय के अभिराज और यश अग्निहोत्री ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।विजेताओं को अतिथियों द्वारा ट्रॉफी,नगद पुरस्कार व प्रमाण पत्र देकर पुरस्कृत किया गया। प्रो. श्रीनिवास पांडेय जी ने रामचरितमानस को जीवन में विषमताओं के मध्य समतामूलक स्वरूप प्रदान किया। उन्होंने हनुमान जी के प्रसंग को जोड़ते हुए छात्रों को प्रेरित किया कि आप सभी हनुमान जी की तरह बलशाली एवं विद्यावान बन सकते हैं। प्रो. नलिनी श्याम कामिल जी ने अपने उद्बोधन में सबको रामचरितमानस की महत्ता के बारे में बताया और सबसे रोज एक चौपाई याद करने का आग्रह भी किया। प्रो. रमेश चन्द्र पाठक ने भी अपने उद्बोधन में सबका उत्साहवर्धन किया और कहा कि रामचरितमानस कोई सामान्य पुस्तक नहीं है,बल्कि इसके अध्ययन,पठन,गायन से आपका और आपके परिवार का आचरण शुभ हो सकता है। कार्यक्रम में अतिथि परिचय,विषय स्थापना व स्वागत भाषण कार्यक्रम के संयोजक डॉ. अभिषेक अग्निहोत्री ने किया।कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन प्राचार्य प्रो. पुरुषोत्तम सिंह व कार्यक्रम का संचालन डॉ अभय कुमार शर्मा ने किया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक राष्ट्रगान व प्रसाद वितरण के साथ हुआ । कार्यक्रम में डॉ. अंगद प्रसाद यादव,डॉ. आशा कुमारी,डॉ अर्चना सिंह,डॉ दुर्गेश कुमार पांडे,डॉ उमेश कुमार,डॉ. कृष्ण पाल,डॉ. मो. अरशद , डॉ. भूपेंद्र कुमार यादव, डॉ. अर्चना श्रीवास्तव,डॉ अनुराधा सहित समस्त प्राध्यापक / प्राध्यापिकायें व महाविद्यालय के छात्र/छात्राएं उपस्थित रहे।

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