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*स्वर्ण - रजत कला बोर्ड के गठन व अन्य मांगों को संदर्भित पत्र राज्यसभा सांसद कैलाश सोनी को सौंपा*

03 July, 2026  |  02:40 AM
*स्वर्ण - रजत कला बोर्ड के गठन व अन्य मांगों को संदर्भित पत्र राज्यसभा सांसद कैलाश सोनी को सौंपा*

अतुल सोनी की खास रिपोर्ट

   वाराणसी 1 जून। वाराणसी स्वर्णकार व्यापार मंडल समिति के अध्यक्ष जितेंद्र कुमार सेठ के नेतृत्व में स्वर्णकार व्यवसायियों ने गुरुवार को सर्किट हाउस में राज्यसभा सदस्य भारत सरकार कैलाश सोनी जी को स्वर्ण रजत कला बोर्ड उत्तर प्रदेश के गठन व अन्य मांगों को संदर्भित पत्र सौंपा।

   पत्रक में मांग की गई कि उत्तर प्रदेश राज्य में स्वर्ण आभूषण निर्माण का परंपरागत व्यवसाय करने वाले सुनारों की जातिगत संख्या लगभग 7.5 करोड़ है। सोनार समाज के पारंपरिक व्यवसाय पर अन्य जाति के लोगों के साथ साथ कारपोरेट घरानों के शोरूम के रूप में उक्त व्यवसाय पर हावी होने से सुनारों की स्थिति दिन प्रतिदिन दयनीय होती जा रही है। विशेष तौर से सुनार जाति के बहुतेरे कारीगर वर्ग वंचित होकर अपने व्यवसाय को छोड़ रोजी-रोटी की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं।

   विभिन्न सरकारों ने केवल सुनारों को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया, लेकिन उनके उत्थान के लिए कोई ठोस पहल नहीं की। माटी कला बोर्ड की तर्ज पर सरकार द्वारा स्वागत कला बोर्ड का गठन किया जाना सुनार समाज के लिए आवश्यक नहीं न्यायोचित भी है।

     मांग पत्र में स्वर्ण रजत कला बोर्ड में केवल सुनारों को सदस्यता दिया जाना, कारीगर वर्ग को कारीगरी किट के साथ ही अनुदानित सहायता प्रदान कराना, गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले सुनार परिवार को आयुष्मान कार्ड एवं आर्थिक सहायता कार्ड प्रदान करना, विशेष परिस्थितियों में सुनारों के ऊपर लगाए गए आईपीसी 411 व 412 को निष्पक्ष जांच कर मुकदमा तत्काल हटाया जाना, स्वर्ण रजत कला बोर्ड के माध्यम से कारीगर वर्ग को निशुल्क प्रशिक्षण देते हुए उनके पारंपरिक व्यवसाय में पुनर्स्थापित कराया जाना, सुनारों की राजनैतिक भागीदारी सुनिश्चित कराना, पर्याप्त सबूत होने के बावजूद बिना माल बरामद किए हुए खुलासों की पुनर विवेचना करते हुए जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई, स्वर्ण रजत कला बोर्ड कार्ड के माध्यम से आवश्यकता परक सुनारों को अपने व्यवसाय को पुनर्जीवित करने हेतु न्यूनतम 10लाख रुपए ऋण स्वीकृत किया जाना, हालमार्क एचयूआईडी संबंधित किसी भी किस्म के नियमावली को लागू करने से पहले स्वर्ण रजत कला बोर्ड के सदस्यों संग बैठक एवं अनुमति लिया जाना आवश्यक होना तथा किसी आकस्मिक दुर्घटना के शिकार सुनारों के बच्चों की शिक्षा एवं रोजगार हेतु आर्थिक सहायता सुनिश्चित करना मांग पत्र में शामिल था। इस अवसर पर श्री कैलाश सोनी जी को अंग वस्त्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर उनका अभिवादन किया गया।

  उक्त अवसर पर सुरेंद्र कुमार सेठ एडवोकेट, संतोष सेठ, सुजीत सेठ, अभिषेक सोनी, मनोज कुमार वर्मा, जितेंद्र कुमार सोनी, अतुल कुमार सोनी आदि मौजूद रहे।

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